0 सरकार ने बनाई आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी
0 विकसित भारत का सपना तभी साकार जब किसान होंगे मजबूत
0 विभिन्न विभागों में 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया
0 जनजातीय उत्थान पर प्राथमिकता से काम
0 नवा रायपुर एजुकेशन हब के रूप में हो रहा विकसित
0 प्रधानमंत्री का फोकस टीयर-2 और टीयर-3 सिटी पर
0 चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण, छत्तीसगढ़ी सिनेमा होगा समृद्ध
मिसाल न्यूज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आज पहले दिन सदन में राज्यपाल रमेन डेका ने अपने अभिभाषण में कहा कि जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है। हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षाें में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए। 2 हजार 704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2हजार 4 माओवादी गिरफ्तार किये गये। सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी। इस आयोजन के माध्यम से दुनिया अब बस्तर में बारूद का धुँआ नहीं अपितु चित्रकोट जलप्रपात का भव्य दूधिया नजारा देखेगी। बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के पश्चात सरकार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी कर रही है।
विधानसभा भवन में प्रवेश करते हुए राज्यपाल रमेन डेका, साथ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
राज्यपाल ने कहा कि जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है। बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं। बीजापुर जिले में बीजापुर-आवापल्ली-जगरगुण्डा तथा बीजापुर-मोदकपाल-तारलागुड़ा, सुकमा जिले में गादीरास से मनकापाल, नारायणपुर जिले में गारपा से कच्चापाल, गारपा से आकाबेड़ा सड़कों के निर्माण के साथ ही बासागुड़ा-धरमावरम्-पामेड़ मार्ग में चिंतावागु नदी में, नेलसनार-गंगालूर मार्ग में मरी नदी, तुमका नदी तथा मिंगाचल नदी में तथा पेदारास से डोलेरास में फूल नदी पर पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं। एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं। माओवादी आतंक के चलते यहां बच्चों का टीका भी नहीं हो पाता था, नियद नेल्ला नार योजना के आरंभ होने से अब तक 11 हजार से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को टीके लगाये गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। बीज उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के किसानों को प्रमाणीकरण शुल्क में शतप्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। दो साल में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किये गये हैं।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे किसान भाइयों द्वारा उपजाया खाद्यान्न निर्यात के माध्यम से विदेशों तक अधिकाधिक पहुंचाया जाए, इसके लिए मेरी सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जिससे खाद्यान्नों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की सहायता से 06 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने वाले कृषकों को भी प्रति एकड़ 11 हजार रुपए आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि खेती-किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था का विस्तार पशुपालन को बढ़ावा दिए बिना संभव नहीं है। सरकार ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू किया है। सहकारिता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत से लोगों को जोड़ते हुए ‘सहकार से समृद्धि योजना‘ के तहत 488 नवीन डेयरी समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा दूध का क्रय मूल्य 35 रुपए से बढ़ाकर 36 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया गया है। संग्राहकों को चरण पादुका भी वितरित की जा रही है। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को वनोपज का उचित दाम दिया जा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे प्रदेश की 31 फीसदी आबादी जनजातीय है। सरकार जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अब ऑनलाइन पोर्टल से दी जा रही है। वर्ष 2025-26 से नई व्यवस्था लागू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुडा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है। ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुल 162 पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संकल्पना को पूरा करने जनजातीय विकास की दिशा में मेरी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। ‘पीएम जनमन योजना‘ तथा ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ से डेढ़ लाख आदिकर्मयोगी तैयार किये गये हैं। ये ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नेतृत्व करेंगे। ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि शहीद वीरनारायण सिंह और जनजातीय शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सरकार ने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय, शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर में स्थापित किया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। मेरी सरकार द्वारा नवा रायपुर में ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी जनजातीय संस्कृति को सहेजने में विशेष मदद मिलेगी। प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति को सहेजने सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार दूसरे साल भी बस्तर पंडुम का सफल आयोजन किया गया है। इस साल बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई। पिछले साल बस्तर पंडुम में जहां 47 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 54 हजार 745 हो गई। बस्तर पंडुम के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति का आगमन हुआ। उन्होंने बस्तर की संस्कृति को सहेजने के लिए की गई इस सुंदर पहल की सराहना की। बस्तर पंडुम के समापन समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
राज्यपाल ने कहा कि हम अपनी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अवसर मानते हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु मेरी सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देशभर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हो रही हैं, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेरी सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की है, साथ ही विभिन्न विभागों में करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है।
छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प देश भर में प्रसिद्ध रहा है। चांपा की कोसा की साड़ियों की धूम तो विदेशों में भी है। मेरी सरकार ने नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की स्थापना का निर्णय लिया है। यह संस्थान प्रदेश के प्रतिभाशाली डिजाइनरों के सपनों को पंख प्रदान करेगा। इसी तरह नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल काउंसिल ऑफ सांइस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोकस टीयर-2 और टीयर-3 सिटी पर है। सरकार स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में नवा रायपुर, रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल कर विकास के लिए संकल्पित भाव से काम कर रही है। यहां आईटी हब, एआई हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल पार्क आदि के माध्यम से सरकार नवा रायपुर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने पर पुख्ता काम कर रही है। नवा रायपुर में मेरी सरकार ने बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया है। 680 करोड़ रुपये की लागत से यहां 300 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल गरीबों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए रायपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-धनबाद दो नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना तैयार करने के साथ ही यहां लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना‘ आरंभ की है, इसमें प्रथम चरण में 57 मार्गाें में इतनी ही बसों का संचालन किया जा रहा है। 330 गांवों को पहली बार यात्री बस सुविधा मिली है। प्रधानमंत्री ने अंबिकापुर में मां महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया। सरकार रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर के एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। मेरी सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट में कार्गाे सुविधा भी आरंभ कराई है, जिससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।
राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक डीजीपीएस और रोवर्स की मदद से सर्वे आरंभ किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में 1500 के स्केल पर भूमि का नवीन सर्वेक्षण आरंभ करने का निर्णय सरकार ने लिया है इससे शहरी क्षेत्रों में छोटे भूखंडों को भू-नक्शे पर दर्ज किया जाना संभव हो सकेगा। पटवारी नक्शों के जिओ-रिफ्रेंसिंग का कार्य भी किया जा रहा है। डायवर्सन की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन करते हुए आटो डायवर्सन की प्रक्रिया की जा रही है। स्व-नामांतरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। प्रदेश के 970 गैर सर्वेक्षित ग्रामों में भी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार का अधिकार पहले केवल एसडीओ (रा.) के पास था जिसे तहसीलदारों को प्रत्यायोजित किया गया है ताकि आम जनता को सुविधा हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि साहित्य हमारी संवेदनाओं को निखारता है और लोकजीवन को संस्कारित करता है। छत्तीसगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा हमेशा से रही है। हिंदी की पहली कहानी भी इसी पावन धरती पर लिखी गई थी। साहित्य की इस उर्वर भूमि में साहित्यिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘रायपुर साहित्य उत्सव‘ का आयोजन किया। तीन दिनों तक चले इस उत्सव में देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी इस सुंदर आयोजन में शामिल हुए। सरकार चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण भी कर रही है। हमारी समृद्ध छालीवुड इंडस्ट्री को अब शूटिंग की बेहतरीन लोकेशन मिल सकेगी और इससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा समृद्ध होगा।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक टूरिज्म के नक्शे में अपनी जगह बना रहा है। हमारे बस्तर के धुड़मारास को यूएन टूरिज्म संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। हमारी जैव विविधता की ओर दुनिया का ध्यान जा रहा है। शक्तिपीठ कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए शक्ति स्थलों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट के रूप में चुना गया है। ‘स्वदेश दर्शन योजना‘ के माध्यम से कवर्धा जिले के भोरमदेव तथा जशपुर जिले के मयाली को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।

