तब अख़बारों में ख़ूब जगह होती थी सिनेमा विज्ञापनों के लिए…

■ अनिरुद्ध दुबे वह भी एक दौर था जब अख़बारों में नियमित रूप से सिनेमा के विज्ञापन छपा करते थे। वह भी कम दरों पर। अख़बार मालिक जानते थे सिनेमा …

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बुरहानिया लाइब्रेरी

■ अनिरुद्ध दुबे राजधानी रायपुर के सदर बाज़ार की पहचान व्यापारिक केन्द्र के रूप में रही है। सदर बाज़ार में लाइनवार सोने-चांदी की दुकानें होने के कारण यह सराफा बाज़ार …

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कभी किताबों में दिखता था ‘सिनेमा’

■ अनिरुद्ध दुबे वह भी क्या हसीन ज़माना था जब कोई फ़िल्म ज़्यादा चर्चा में आ जाए तो उसकी किताब प्रकाशित होकर सिने प्रेमियों के हाथों में पहुंच जाया करती …

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जब कागज़ों पर बजती थी गानों की धुन…

■ अनिरुद्ध दुबे सन् 1972। उस समय हम जहां रहा करते वह घर के साथ मंदिर भी था। रायपुर का प्राचीन बांके बिहारी मंदिर। मंदिर में चल रहे किसी उत्सव …

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के निकटतम सहयोगी कर्नल ढिल्लो से वह यादगार मुलाक़ात

■ अनिरुद्ध दुबे देश भर में आज आजादी की लड़ाई के महान योद्धा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जा रही है। भारत की आजादी में नेताजी व्दारा गठित …

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