फिटनेस व परमिट से जुड़े सवालों पर घिरे मंत्री केदार कश्यप… भूपेश बघेल व अजय चंद्राकर में तीखी बहस… विपक्ष का वाक आउट…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस एवं परमिट से जुड़े मुद्दों पर बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। विभिन्न सवालों पर मंत्री केदार कश्यप की तरफ से जो भी जवाब आया उससे विपक्षी विधायकगण संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।

प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक ओंकार साहू का सवाल था कि प्रदेश में विगत तीन वर्षों में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं? उक्त अवधि में परिवहन विभाग व्दारा वाहनों की ओवर लोडिंग, बिना परमिट संचालन एवं बिना बीमा पाए जाने पर कितने प्रकरण बनाए गए तथा कितनी राशि वसूल की गई?

मंत्री केदार कश्यप की ओर से जवाब आया कि विगत तीन वर्षों में किसी भी व्यावसायिक वाहन को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। उक्त अवधि में ओवर लोडिंग, बिना परमिट संचालन एवं बिना बीमा पाये जाने पर 77 हजार 810 प्रकरण बनाये गए हैं तथा उस पर 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये वसूले गए हैं।

ओंकार शाह ने कहा कि मेरे सवालों का जवाब नहीं आया। बिना परमिट वाले वाले वाहनों की संख्या बता दें। मंत्री ने बताया कि 88 हजार 96 वाहनों का फिटनेस परीक्षण हुआ, जिनमें 87 हजार 946 पास हुए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल किया कि आपसे जब पूछा गया कि प्रदेश में विगत तीन वर्षों में कितने व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक परीक्षण के फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए गए तो आपका उत्तर निरंक आया। आपका वो वाला जवाब सही है या ये वाला? मंत्री ने कहा कि निरंक वाला जवाब सही है। भूपेश बघेल ने सभापति धरमलाल कौशिक से अनुरोध किया कि मंत्री की ओर से उत्तर नहीं आ रहा है। इसे किसी दूसरे दिन के लिए रख लीजिए, नहीं तो हमें सदन से बायकॉट करना पड़ेगा। ऐसी गैर जिम्मेदारी के लिए विभाग को प्रताड़ित करना चाहिए। ओंकार शाह ने कहा कि विभाग की तैयारी नहीं है। जो जवाब आ रहे हैं उनसे मैं संतुष्ट नहीं हूं। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश जी को इस तरह धमकाने का अधिकार नहीं है। यहां धमकी नहीं चलेगी। बघेल ने कहा कि आप भी कभी किसी खास मौके पर बायकॉट किए थे, भूल गए क्या! सभापति धरमलाल कौशिक ने कहा कि आपने जो पूछा, उसे ही पढ़कर मंत्री ने बताया। पृथक से कोई जानकारी नहीं मांगी गई थी।

भूपेश बघेल ने कहा कि यह दुर्भाग्यजनक है कि मंत्री का अपने विभाग पर कंट्रोल नहीं है। इसके विरोध में बहिर्गमन करते हैं। इसके साथ ही सारे कांग्रेस विधायकगण नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

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