4 साल बीते, टेंडर के बाद भी झीरम व कांदानार के बीच नहीं बनी सड़क… किरण देव ने विधानसभा में जताया रोष…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज भाजपा विधायक किरण देव ने रोष जताते हुए कहा कि 4 साल का समय गुजर जाने के बाद भी झीरम-कांदानार के बीच की सड़क नहीं बनी। दो माह बचे हैं, काम शुरु नहीं हुआ तो हर बार की तरह इस बार भी निर्माणाधीन सड़क की मुरुम मिट्टी बह जाएगी।

प्रश्नकाल में किरण देव का सवाल था कि क्या एमएमजीएसवाई योजना अंतर्गत झीरम व्हाया एलेंगनार-उरकापाल कांदानार सड़क के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई? सड़क की कुल लंबाई एवं संभावित व्यय कितना था? प्रशासकीय स्वीकृति एवं टेंडर कब जारी किया गया? कार्यादेश किस कंपनी/फर्म को प्रदान किया गया? क्या निर्माण हेतु तैयार डीपीआर में आवश्यक समस्त प्रस्ताव सम्मिलित नहीं हो सके थे? यदि हां तो कौन-कौन से कार्य के प्रस्ताव किन कारणों से सम्मिलित नहीं हो सके? कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

उप मुख्यमंत्री (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) विजय शर्मा की ओर से जवाब आया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत झीरम व्हाया एलेंगनार-उरकापाल कांदानार सड़क के निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति 10 जनवरी 2023 को प्रदान की गई है। सड़क की कुल लंबाई 18 किलोमीटर एवं संभावित व्यय रूपये 14 करोड़ 60 लाख 60 हजार था। प्रशासकीय स्वीकृति टेंडर 30 जनवरी 2023 को जारी किया गया। कार्यादेश विनोद सिंह राठौर, मेन रोड मस्तानपारा सुकमा (जिला सुकमा) को प्रदान किया गया है। निर्माण हेतु तैयार डीपीआर में आवश्यक समस्त प्रस्ताव सम्मिलित नहीं हो सके थे। उक्त सड़क नक्सल प्रभावित झीरम क्षेत्र को कोलेंग क्षेत्र से जोड़ती है। उक्त सड़क दुर्गम पहाड़ी एवं घोर नक्सली क्षेत्र होने के कारण पूर्व में विस्तृत सर्वेक्षण किया जाना संभव नहीं था। साथ ही उक्त सड़क आरक्षित वन भूमि में होने के कारण एलाईनमेंट में परिवर्तन हुआ, जिसके कारण सीसी सड़क, टो-वॉल, नाली, पुल-पुलियों एवं घाट कटिंग के अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता हुई। अतिरिक्त शेष कार्य हेतु राशि 5 करोड़ 59 लाख 69 हजार की स्वीकृति जिला खनिज न्यास निधि मद जिला सुकमा से प्रदान की गई है। मूल स्वीकृति झीरम से कांदानार तक 18 किलोमीटर बीटी सतह तक स्वीकृत थी। स्थल में परिवर्तन एवं अन्य कारणों की वजह से उक्त राशि में 18 किमी का कार्य संभव नहीं था। इसलिए मूल स्वीकृति अनुसार पूरी लंबाई में जीएसबी स्तर तक कार्य किया गया। झीरम से एलेंगनार तक 0 किमी. से 11.10 किमी में बी.टी. एवं अन्य कार्य प्रस्तावित किये गये। शेष लंबाई में एलेंगनार उरकापाल से कांदानार तक 11.10 किमी से 18 किलोमीटर के लिए जीएसबी स्तर से उपर के कार्य एवं पुल-पुलिया, रिटेनिंग वॉल एवं अन्य कार्यों की स्वीकृति जिला खनिज न्यास निधि मद जिला सुकमा से प्राप्त की गई। मूल स्वीकृति 10 जनवरी 2023 को 14 करोड़ 60 लाख 60 हजार की थी। अतिरिक्त कार्य हेतु 18 जनवरी 2025 को 5 करोड़ 59 हजार 69 हजार की स्वीकृति प्राप्त की गई। भाग “ख” हेतु प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर निविदा आमंत्रित की गई है। कार्यादेश रामशरण सिंह प्रोजेक्ट, एलएलपी, शांति नगर जिला सुकमा को प्रदान किया गया है। अनुबंध के अनुसार कार्य पूर्णता की तिथि 20 नवम्बर 2026 तक निर्धारित है। कार्य 20 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है।

किरण देव ने पूछा कि सर्वे नहीं हुआ तो टेंडर कैसे जारी हो गया। 3 वर्षों में कितना काम हुआ और ठेकेदार को कितना भुगतान हुआ। सदन में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अनुपस्थिति में वन एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि नक्सलवाद के कारण जैसा सर्वे होना था नहीं हुआ। नाली समेत अन्य निर्माण कार्य नहीं हो पाए। वर्तमान स्थिति में कार्यों को डीएमएफ फंड से चिन्हांकित किया गया है। ठेकेदार को लगभग 4 करोड़ 23 लाख का भुगतान हुआ है। एक वर्ष के भीतर इस कार्य को पूरा करने की कोशिश करेंगे। किरण देव ने कहा कि 4 वर्ष पहले यह काम शुरु हुआ था। 4 बरसातें निकल गईं। काम टुकड़ों में हुआ। जब भी बरसात आती है मुरुम मिट्टी बह जाती है। यह जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर का मामला है, जहां सबसे ज्यादा सड़क की आवश्यकता है। अधिकारियों की टीम से लगातार इसकी समीक्षा कराएं। अन्यथा 4 साल और लग जाएगा। केदार कश्यप ने कहा कि आपका प्रश्न वाजिब है और सरकार की भी यही मंशा है। यह घोर नक्सल प्रभावित पहाड़ी वाला वन क्षेत्र रहा है। घाट कटिंग का काम बेहद चुनौतीपूर्ण है। शेष काम के लिए 5 करोड़ 59 हजार 69 हजार की स्वीकृति प्राप्त हो गई है और टेंडर भी कर दिया गया है।

किरण देव ने कहा कि चिंता इस बात की है ढाई साल में मामला वहीं का वहीं है। 2 माह बाद फिर बरसात आ जाएगी और पहले की तरह मुरुम और मिट्टी बह जाएगी। केदार कश्यप ने कहा कि आश्वस्त करता हूं कि 20 दिनों के भीतर अधिकारी स्थल का अवलोकन करेंगे। जो भी एक्शन लेने की जरूरत पड़ेगी लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *