स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों पर अधिकारी देते हैं गलत जानकारी… मिलते रहा है संरक्षण… विधानसभा में लता उसेंडी ने लगाया आरोप…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज भाजपा विधायक सुश्री लता उसेंडी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यक्रमों पर संबंधित विभाग के अधिकारी लगातार गलत जानकारी देते आ रहे हैं। उन्हें बराबर संरक्षण मिलते रहा है।

प्रश्नकाल के दौरान लता उसेंडी का सवाल था कि कोंडागांव जिले में वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत कितने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं? सेटअप अनुसार कितने स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं और कितने रिक्त हैं? कितने नए प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने हेतु शासन को पत्र/प्रस्ताव प्रेषित है? वर्तमान में जिले में विभाग अंतर्गत ऐसे कितने केंद्र हैं जहां पर भवन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है? क्या उस हेतु शासन को कोई प्रस्ताव या पत्र प्राप्त हुआ है? कोडागांव जिले में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विगत 2 वर्षों में कितने शासकीय कार्यक्रम आयोजित किए गए, क्या उनका किसी भी प्रकार का देयक लंबित है? यदि हां तो उनका कब तक भुगतान कर दिया जाएगा?

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की ओर से जवाब आया कि कोण्डागांव जिले अंतर्गत 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 173 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। जिले अंतर्गत वर्ष 2025-26 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोण्डागांव के व्दारा 3 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। विभाग व्दारा कोण्डागांव जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोलावण्ड की स्थापना हेतु पदों की स्वीकृति वर्ष 2025-26 में प्रदान की गई है। शेष प्रस्ताव पर मापदण्ड/नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान में जिले अंतर्गत 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 2 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 2 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की आवश्यकता है। 1 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 1 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण के संबंध में जिला कोण्डागांव से प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। जिस पर नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कोंडागांव जिले में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 1157 शासकीय कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें किसी भी प्रकार का देयक लंबित नहीं है।

लता उसेन्डी ने कहा कि आपके जवाब में आया है कि किसी भी तरह का भुगतान शेष नहीं है, जबकि कार्यक्रमों का कहीं पर भुगतान हुआ है, कहीं पर नहीं। इसके तथ्य मेरे पास हैं। मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम हुए हैं। कुछ हॉस्पिटल के भीतर और कुछ बाहर टेंट लगाकर, जिनका 4 लाख 57 हजार का भुगतान किया गया है।

लता उसेंडी ने कहा कि मौखिक निर्देश पर कार्यक्रम हुए और मौखिक निर्देश पर भुगतान भी हो गया। कहीं पर बिल का भुगतान हो जाता है तो कहीं पर नहीं होता। या तो पूरे बिलों का भुगतान करवाएं या बिलकुल नहीं करवाएं। लिखित जवाब में आया है कि निरंक है, जबकि निरंक नहीं है। अधिकारी लगातार गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्हें संरक्षण देते आ रहे हैं। हमें अपनी बात रखने के लिए विधानसभा सत्र का इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्क ऑर्डर जारी हुआ और भुगतान नहीं हुआ हो, मुझे बताएं भुगतान करवाऊंगा। मौखिक तौर पर कहेंगे तो भी करवाऊंगा। लता उसेंडी ने कहा कि पिछले सत्र में भी मैंने सवाल लगाया था तो आपने कहा था गलत जानकरी देने वालों को नोटिस देंगे। नौ माह निकल गए, नोटिस का क्या हुआ? दोषी अधिकारियों को लेकर जो तथ्य मैंने दिए थे वह आपके पास हैं। मंत्री ने कहा कि उस संबंध में कार्यवाही हुई है। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा कि सदन में जवाब सही नहीं आ रहा है। हर बार गलत जवाब आता है।

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