मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज अमानक चावल की खरीदी का मामला जमकर गूंजा। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल पर दोषी लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
प्रश्नकाल में व्यास कश्यप के सवालों की झ़ड़ी थी। कश्यप के सवाल कुछ इस तरह थे कि क्या कोरबा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम अंतर्गत संचालित संग्रहण केन्द्रों/गोदामों में दूसरे जिले की आईडी एवं ओटीपी का उपयोग कर अमानक (सब स्टेंडर्ड) चावल की खरीदी की गई? कुल कितनी मात्रा में अमानक/घटिया चावल की खरीदी की गई? उसकी अनुमानित वित्तीय राशि कितनी है? क्या गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी इंस्पेक्शन) नियमानुसार किया गया था? यदि किया गया तो अमानक चावल कैसे स्वीकार हुआ? प्रकरण में अब तक किन अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई? क्या किसी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई?
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की ओर से जवाब आया कि इस प्रकरण में जिला बालोद, बेमेतरा एवं जशपुर के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग किया गया। खरीदे गये चावल में से 8153.48 क्विंटल चावल वितरण योग्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसकी अनुमानित वित्तीय राशि लगभग 3 करोड़ 34 लाख रूपये है। वितरण के योग्य नहीं पाए गए चावल का गुणवत्ता परीक्षण तत्समय नियमानुसार नहीं किए जाने के कारण अमानक चावल जमा हुए। प्रकरण में एक कनिष्ठ सहायक एवं एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक को निलंबित किया गया है। किसी के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है।
व्यास कश्यप ने कहा कि अमानक चावल के पीछे बाहरी व्यक्तियों से खरीदी का मामला है। 17 करोड़ के चावल का मामला है। जो अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं, वो खुद जांच के दायरे में हैं। उन्हें लक्जरी होटल में ठहराया गया। उनके लिए कपड़े खरीदे गए। क्या उन जांच अधिकारियों के खिलाफ़ भी जांच कराएंगे?
मंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण मामले की जांच के लिए दल का गठन किया गया है। गुणवत्ता की जांच की गई। कनकी की मात्रा का परीक्षण किया गया। चावल अमानक पाए जाने पर दो कर्मचारी निलंबित किए गए। 10 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
व्यास कश्यप ने कहा कि आपने जो कार्यवाही की उससे इंकार नहीं, लेकिन सच्चाई यह है कि पूरे मामले में लीपापोती की गई है। जिसके खिलाफ कार्यवाही हुई उसके नाम का यहां उल्लेख तक नहीं किया गया। इस मामले में राईस मिलरों की संलिप्तता रही है। उन राईस मिलरों के नाम बताएं। क्या दोषी लोगों के खिलाफ़ एफआईआर कराएंगे? यह एक तरह का संगठित अपराध रहा है। यदि आपकी तरफ से कोई जवाब नहीं आता है तो हाईकोर्ट जाऊंगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह 3 करोड़ 34 लाख रुपये के अमानक चावल का मामला है। इसमें ऊपर तक संलिप्तता है। क्या एफआईआर दर्ज कराएंगे? मंत्री ने कहा कि नोटिस जारी किया गया है। जिन लोगों ने अमानक चावल उपलब्ध कराया उन्हें ब्लेक लिस्टेड घोषित करेंगे। भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसा कोई एक जिले नहीं, सभी जिलों में हुआ है। इस पर अपराधिक प्रकरण तो बनना ही चाहिए। मंत्री ने कहा कि जांच चल रही है। भूपेश बघेल ने कहा कि दिसम्बर महीने का मामला है। चार महीने हो गए। आखिर दोषी लोगों के खिलाफ़ बड़ी कार्यवाही कब करेंगे? मंत्री ने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा कार्यवाही करेंगे।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि मंत्री दोषी लोगों को बचा रहे हैं। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकगण सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

