मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज धमतरी व कांकेर जिले में अवैध प्लाटिंग के मामले को विपक्ष ने जमकर उठाया। अवैध प्लाटिंग के कार्यों में लिप्त लोगों को राजस्व मंत्री का संरक्षण मिल रहा है आरोप लगाते हुए विपक्ष सदन से वाक आउट कर गया।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक श्रीमती अंबिका मरकाम का सवाल था कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक की स्थिति में धमतरी में व कांकेर जिले में अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियों की कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? कुल कितने खसरों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उसमें से कितने खसरों की जांच हो चुकी है? जिले में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने हेतु सक्षम अधिकारी कौन है एवं उनके व्दारा अभी तक क्या कार्रवाई की गई है? कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तो कब से प्रक्रियाधीन है और किस अधिकारी के पास प्रक्रियाधीन है? अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी के लिए कौन-कौन से अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं? क्या इनके विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्त हुई है? अगर हां, तो क्या कार्रवाई की गई?
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा कि ओर से जवाब आया कि प्रश्नावधि में धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग की कुल 3 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो 3 खसरों से संबंधित है। 2 खसरों की जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व्दारा किया गया है। 1 खसरे की जांच धमतरी नगर निगम के अधिकारी व्दारा किया गया। कांकेर जिले में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी के संबंध में कुल 5 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो 175 खसरों से संबंधित हैं। इनमें से 8 खसरों की जांच हो चुकी है तथा 167 खसरों की जांच प्रक्रियाधीन है। अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही करने हेतु नगरीय क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 अंतर्गत मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम 2013 अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्षम प्राधिकारी हैं। जिला धमतरी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 प्रकरणों तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 39 प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए निर्मित अवैध मुरूम रोड हटाया गया एवं मार्ग विच्छेदन किया गया। कुछ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग हेतु गाड़े गये खुटों एवं बाउंड्रीवाल को हटाया गया। कांकेर जिले में कुल 14 खसरों के क्रय विक्रय पर रोक लगाई गई है। धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी के लिये जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी की जानकारी निरंक है।
अम्बिका मरकाम ने पूछा कि शिकायतों के बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं की गई? मंत्री ने कहा कि धमतरी जिले में अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कॉलोनी निर्माण के लिए दोषी पाते हुए 3 पटवारियों का इंक्रीमेंट रोका गया है और 3 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। तहसीलदार को भी नोटिस दिया गया है। धमतरी-कांकेर ही नहीं पूरे प्रदेश में अवैध प्लाटिंग व अवैध कॉलोनी निर्माण को रोकने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति का गठन किया गया है, जिसमें एसपी एवं जिला पंचायत सीईओ सदस्य होते हैं।
अम्बिका मरकाम ने पूछा कि धमतरी एवं कांकेर वाले मामले की क्या आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराएंगे? मंत्री ने कहा कि जांच के लिए हमारा विभाग सक्षम है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस तरह का प्रश्न प्रत्येक सत्र में आता है। पूर्व में ओंकार शाह ने पूछा। अब अम्बिका मरकाम ने पूछा। अजय चंद्राकर भी चिंतित हैं। अब तक प्रदेश में कितनी अवैध कॉलोनियां हैं और कितनों को नोटिस दिए हैं? कितनों के खिलाफ कार्यवाही हुई है? धमतरी जिले में पटवारी को निलंबित किए तो क्या उसे आरोप पत्र दे दिया गया? नहीं देने वाली स्थिति में फिर बहाल होने में समय नहीं लगता। मंत्री ने कहा कि तत्काल में पूरे प्रदेश की जानकारी देना संभव नहीं है। धमतरी जिले में 3 पटवारी तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए। 1 की वेतन वृद्धि रोकी गई। 5 पटवारियों का दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरण किया गया है।
कांग्रेस विधायक ओंकार साहू ने कहा कि आपके लिखित उत्तर में कार्यवाही के नाम पर जवाब निरंक आया है और यहां बता रहे हैं कि कार्यवाही हुई। आप तो हमारे धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। आपने कहा था कि साथ चलकर भौतिक सत्यापन करेंगे, लेकिन आपने समय ही नहीं दिया। मंत्री ने कहा कि भौतिक सत्यापन का काम तहसीलदार करेंगे। ओंकार शाह ने कहा कि धमतरी में जहां अवैध प्लाटिंग हो रही वहां लाइट-पानी जैसी सुविधा नहीं है। दलाल जमीन बेचकर निकल जाते हैं। अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी? मंत्री ने कहा कि धमतरी के गोकुल नगर में कार्यवाही हुई। धमतरी से लगे ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो डिमार, श्यामतराई, रुद्री समेत अन्य ग्रामों में अवैध कॉलोनी की शिकायत मिलने पर कार्यवाही की गई।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विकृत शहरीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। यह बता दिया जाता है कि एसआईआर चलते रहने के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई है। बता दें कि अवैध कॉलोनियां कब बनीं और एसआईआर कब शुरु हुआ?
भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री का धमतरी को लेकर अलग उत्तर है और कांकेर को लेकर अलग। गोल-मोल जवाब आया है। क्या इसकी विधानसभा की समिति से जांच कराएंगे? मंत्री ने फिर कहा कि राजस्व विभाग सक्षम है। भूपेश बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों से जुड़े कामों को मंत्री का संरक्षण मिल रहा है। इसके विरोध में सदन से वाक आउट करते हैं। इसके साथ ही सारे कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

