मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज भाजपा विधायक रिकेश सेन ने आरोप लगाया कि बजट में स्वीकृति के बाद भी सरकारी नर्सिंग (GNM) प्रशिक्षण केंद्र हेतु बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरु नहीं हुआ।
ध्यानाकर्षण के दौरान रिकेश सेन ने कहा कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र एक सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहां मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों की संख्या अधिक है। क्षेत्र की छात्राओं और युवाओं में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति रूझान है, किंतु स्थानीय स्तर पर सरकारी नर्सिंग (GNM) प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण उन्हें निजी संस्थानों की भारी फीस भरनी पड़ती है या दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। वैशाली नगर में जीएनएम केंद्र खुलने से स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वास्थ्य सेवाओं में करियर बनाने का अवसर मिलेगा। इस केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के समीपवर्ती अस्पतालों को भी प्रशिक्षित स्टाफ की सेवाएं सुलभ होंगी, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इस संबंध में आज दिनांक तक निराशा की स्थिति बनी हुई है। इससे क्षेत्र की जनता में शासन के प्रति आक्रोश है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जवाब आया कि यह सही है कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र एक सघन आबादी वाला क्षेत्र है। यहां मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों की संख्या अधिक है। यह सही नहीं है, कि स्थानीय स्तर पर सरकारी नर्सिंग (GNM) प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण उन्हें निजी संस्थानों की भारी फीस भरनी पड़ती है या दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। सही यह है, कि जिला दुर्ग अन्तर्गत जिला चिकित्सालय के समीप 01 शासकीय जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (GNM) प्रशिक्षण केंद्र संचालित है, जिसकी प्रति वर्ष सीट क्षमता 30 है। वर्तमान में उक्त केन्द्र में कुल 88 छात्रायें अध्ययनरत हैं एवं सभी ग्रामीण तथा निम्न वर्ग के हैं। ये संस्थान भारतीय उपचर्या परिषद (आई.एन.सी.) नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है। इस संस्था में प्रतिवर्ष ऑनलाईन काउंसिलिंग के माध्यम से बारहवीं प्राप्तांको की प्रावीण्यता एवं जीवविज्ञान विषय वालों को प्राथमिकता के आधार पर विद्यार्थियों का चयन कर प्रवेश दिया जाता है। शासकीय प्रशिक्षण केन्द्र दुर्ग को नवीन भवन निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही दुर्ग जिलें में 01 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित है, जिसमें प्रतिवर्ष 65 (50+15) छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किये जाने का प्रावधान है। अतः क्षेत्र की जनता में किसी प्रकार का आक्रोश नहीं है।
रिकेश सेन ने कहा कि जीएनएम हॉस्टल बेहद जर्जर हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की अपनी कोई बिल्डिंग नहीं है। सैकड़ों बच्चे कई किलोमीटर पैदल चलकर यहां आते हैं। बिल्डिंग के निर्माण के लिए 14 करोड़ का बजट रखा गया है, पर उससे संबंधित पत्र कलेक्टर या विधायक के पास नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2026-27 के अनुमानित बजट में इसके लिए प्रावधान किए हैं। रिकेश सेन ने कहा कि 14 करोड़ की बात पिछले बजट में भी आई थी। लगता है सरकार का इस ओर ध्यान नहीं जाता। मंत्री ने कहा जीएनएम सेंटर पिछले कई दशकों से कार्य कर रहा है। 26-27 के बजट में दुर्ग के अलावा रायपुर के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
रिकेश सेन ने कहा कि आश्वस्त कर दें कि इस बार निर्माण कार्य का टेंडर होकर रहेगा। आपने डंके की चोट पर सुपेला क्षेत्र में लालबहादुर शास्त्री हॉस्पिटल को सौ बिस्तरों वाला हॉस्पिटल बनाने की भी बात कही थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य को बेहद गंभीरता से लिया है। नर्सिंग कॉलेज हो या मेडिकल कॉलेज टेंडर होकर रहेगा।

