‘तोर मयारू मोर मयारू’… नई टीम, नया अंदाज़, साथ में भरपूर कॉमेडी- क्रांति दीक्षित

मिसाल न्यूज़

वैसे तो अधिकांश फ़िल्मों में क्रांति दीक्षित ख़ूंख़ार आदमी के किरदार में नज़र आते रहे हैं, पर ‘तोर मयारू मोर मयारू’ में वे एकदम अलग अंदाज़ में दिखेंगे। जमकर कॉमेडी करते हुए। ‘तोर मयारू मोर मयारू’ 4 सितम्बर को पूरे छत्तीसगढ़ में प्रदर्शित होने जा रही है। यह पूछने पर कि ‘तोर मयारू मोर मयारू’ को एक लाइन में कैसे परिभाषित करेंगे, क्रांति कहते हैं- “नई टीम, नया अंदाज़, साथ में भरपूर कॉमेडी।”

हाल ही में ‘मिसाल न्यूज़’ की ‘तोर मयारू मोर मयारू’ फ़िल्म पर क्रांति दीक्षित से बातचीत हुई, जिसमें उनकी अभिव्यक्ति कुछ इस तरह सामने आई…

क्रांति कहते हैं- “वैसे तो छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों में मैंने कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन ‘तोर मयारू मोर मयारू’ में मेरा रोल न सिर्फ़ बहुत हटकर है बल्कि यह फ़िल्म मुझे काफ़ी कुछ सीखा गई। पूरी तरह कॉमेडी जॉनर की फ़िल्म है। इसमें मैंने एक कॉमिक किरदार निभाया है। लंबे समय बाद कॉमेडी करते हुए बेहद मज़ा आया। मनीष मानिकपुरी व्दारा प्रस्तुत इस फ़िल्म में अमलेश नागेश मुख्य भूमिका में हैं। मन कुरैशी, इशिका यादव व काजल सोनबेर सहित कई बड़े चेहरे फ़िल्म का हिस्सा हैं।“

राहुल जी ने किया प्रभावित

मेरे लिए इस फ़िल्म का सबसे ख़ास पहलू इसके निर्देशक राहुल प्रताप सिंह जी हैं। राहुल जी FTII से पास आउट हैं और मुंबई से आते हैं। उन्होंने पहली बार छत्तीसगढ़ी फ़िल्म का निर्देशन किया है। उनका फ़िल्म बनाने और कलाकारों को समझाने का तरीका प्रभावित करता है। शूटिंग को लेकर उनकी तैयारी देखते बनती थी।

कैमरा वर्क का कमाल

फ़िल्म के DOP विद्यानाथ भारती भी FTII से पास आउट हैं और उनका काम बेहद शानदार है। फ़िल्म के विज़ुअल्स में उनकी मेहनत साफ़ दिखाई देती है। कैमरा वर्क और सिनेमैटोग्राफी ने फ़िल्म को एक अलग लुक देने की कोशिश की है।

ज़बरदस्ती नहीं

ज़बरदस्त कॉमेडी

‘तोर मयारू मोर मयारू’ की सबसे बड़ी ख़ासियत इसका कॉमेडी जोनर होना है। कॉमेडी भी ऐसी नहीं जिसे ज़बरदस्ती ठूंसा गया हो, बल्कि सिचुएशनल कॉमेडी है। जब बात कॉमेडी की हो तो अमलेश नागेश का नाम सामने आता है। अमलेश की कॉमेडी में पहले से ही अपनी एक अलग पहचान बनी रही है। उनकी टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस का फ़ायदा निश्चित रूप से फ़िल्म को मिलता है। अमलेश के साथ यह मेरी तीसरी फ़िल्म है। उनके साथ काम करना हर बार नया एक्सपीरियेंस दे जाता है।

मन के साथ ख़ास ट्यूनिंग

मन कुरैशी के साथ भी मेरा काफ़ी अच्छा तालमेल है। फ़िल्म में हमारे बीच की केमिस्ट्री और कॉमिक परिस्थितियां दर्शकों को जरूर पसंद आएंगी। इशिका यादव, काजल सोनबेर, रजनीश झांझी जी, संजय महानंद और अन्य सभी कलाकारों ने शानदार काम किया है। ऐसी मल्टी स्टारर फ़िल्म में काम करना अलग ही अनुभव दे गया।

निर्माता ने बजट पर कोई

समझौता नहीं किया

फ़िल्म के निर्माता प्रणय गर्ग जी की विशेष रूप से तारीफ़ करना चाहूंगा। यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ज़रूर है, लेकिन उन्होंने जिस तरह से फ़िल्म को सपोर्ट किया, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। सबसे अच्छी बात यह रही कि उन्होंने फ़िल्म के बजट को लेकर अनावश्यक समझौता नहीं किया। जहां जिस चीज की ज़रूरत थी, वहां उसे उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की। एक अच्छी फ़िल्म सिर्फ़ कलाकारों और निर्देशक से नहीं बनती, उसके लिए निर्माता का भरोसा और सही संसाधन उपलब्ध कराना भी उतना ही ज़रूरी होता है।

और अंत में…

एक कलाकार के तौर पर मैं इतना ज़रूर कहूंगा कि इस फ़िल्म का हिस्सा बनकर मुझे बहुत मज़ा आया। मुझे अपनी इस कॉमेडी फ़िल्म से काफ़ी उम्मीदें हैं। 4 सितंबर को थियेटर में मिलते हैं… हॅसने के लिए, हॅसाने के लिए और अपनी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म को सपोर्ट करने के लिए…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *