■ अनिरुद्ध दुबे
छत्तीसगढ़ के भाजपा प्रभारी रहते-रहते नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए दिन हफ्ते में बदले, हफ्ते महीने में बदल गए लेकिन अब तक छत्तीसगढ़ को नया प्रदेश भाजपा प्रभारी नहीं मिल पाया है। छत्तीसगढ़ प्रभारी के लिए नाम तो अब तक 5 से 6 चल गए, पर सस्पेंस टूटने का नाम ही नहीं ले रहा। भाजपा है तो सब कुछ मुमकिन है। भाजपा में कुछ ऐसे नेता हैं जो सोचे भी नहीं रहे थे कि मुख्यमंत्री बन जाएंगे, लेकिन बन गए। रही बात प्रदेश प्रभारी की तो बताते हैं छत्तीसगढ़ के एक दिग्गज नेता की यहां प्रदेश प्रभारी के रुप में सौदान सिंह को देखने की अभिलाषा है। सूत्र बताते हैं एक ऐसी शख़्सियत जिसने कभी छत्तीसगढ़ में लंबा समय बिताया था और इस समय दिल्ली में बैठकर फसल काट रहे हैं, उनके और यहां के दिग्गज नेता के बीच लगातार सौदान सिंह के नाम को लेकर संवाद होते रहा है। इसके अलावा सत्ता की डोर अपने हाथों में रखने वाले दिल्ली में बैठे एक-दो लोगों ने जब छत्तीसगढ़ के एक-दो नेताओं से प्रभारी को लेकर उनके मन की थाह लेने की कोशिश की तो उन इक्का-दुक्का ने संदीप पाठक का नाम सूझाया। यह कहते हुए कि संदीप छत्तीसगढ़ के हैं। आम आदमी की पार्टी (आप) में थे तो उन्हें छत्तीसगढ़ को और ज़्यादा देखने-समझने का अवसर मिला, उस हिसाब से प्रभारी के लिए ठीक हो सकते हैं। वहीं अंदर की ख़बर रखने वाले बताते हैं छत्तीसगढ़ के एक-दो उत्साही बड़े चेहरे तो दिल्ली में मोस्ट सीनियर नेताओं को स्मृति ईरानी का नाम सूझा गए। यह कहते हुए कि स्मृति जी जैसा धुंआधार बोलने वाला कोई नहीं है। 2023 के विधानसभा चुनाव के समय में छत्तीसगढ़ में चुनावी सभाओं में स्मृति जी ने ग़ज़ब के तेवर दिखाए थे। गोटी बिठाने वाले, गोटी बिठाने में लगे रहें या सूझाने वाले नाम सूझाते रहें, प्रभारी होगा वही जिसे नितिन नवीन चाहेंगे। नितिन नवीन छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी रहते हुए यहां 2023 का विधानसभा चुनाव और मुख्य प्रभारी रहते हुए 2024 का लोकसभा चुनाव देख चुके हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीतिक जटिलताओं के बारे में बहुत अच्छे से पता है।
अब नहीं चलेंगे पीड़िता
की भावनाओं पर चोट
पहुंचाने वाले ‘शब्द’…
यौन अपराध के मामलों में पीड़िताओं की गरिमा और सम्मान को लेकर अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तरफ से भी बड़ी पहल हुई है। पुलिस थानों में मामला दर्ज़ होने से लेकर अदालत में सुनवाई होने और फ़ैसला लिखने तक में ऐसी भाषा के इस्तेमाल से बचना होगा जो पीड़िता की भावनाओं को चोट पहुंचा सकती हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट ने राज्य की निचली अदालतों, पुलिस और संबंधित विभागों को भी संयमित शब्दावली अपनाने के निर्देश दिए हैं।
नई शब्दावली में यौन अपराध पीड़ित महिला के लिए ऐसे शब्दों से बचने पर जोर दिया गया है, जो उसकी स्थिति को अपमानजनक या रूढ़िवादी तरीके से पेश करते हों। ‘लाचार महिला’ या ‘बेबस औरत’ जैसे संबोधनों के बजाय महिला या सर्वाइवर जैसे सम्मानजनक शब्दों को प्राथमिकता दी जाएगी। ‘अस्मत’ और ‘शील भंग’ जैसी पुरानी अभिव्यक्तियों के स्थान पर ‘शारीरिक स्वायत्तता का उल्लंघन’ या ‘यौन हमला’ जैसे कानूनी और तटस्थ शब्द इस्तेमाल होंगे। हाईकोर्ट के निर्देश हैं कि महिला के चरित्र, कपड़ों, निजी संबंधों या व्यक्तिगत जीवन को आधार बनाकर कोई पूर्वाग्रहपूर्ण भाषा नहीं अपनाई जाए। ‘चरित्रहीन’ जैसे विशेषणों के बजाय मामले का आकलन उपलब्ध साक्ष्य और कानून के आधार पर किया जाएगा। इसी तरह ‘रखैल’ या ‘कीप’ के स्थान पर ‘पार्टनर’ अथवा ‘महिला मित्र’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाएंगे। ‘वेश्या’ या ‘कॉलगर्ल’ के बजाय संदर्भ के अनुरूप ‘सेक्स वर्कर’ शब्द को प्राथमिकता दी जाएगी।
हाई कोर्ट ने गवाहों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर भी जोर दिया है। गवाहों का परिचय उनकी सामाजिक स्थिति या किसी पूर्वाग्रहपूर्ण पहचान के आधार पर कराने के बजाय तथ्यात्मक और सम्मानजनक तरीके से कराने कहा गया है। संवेदनशील मामलों में आवश्यकतानुसार बंद कमरे में सुनवाई यानी इन-कैमरा ट्रायल की व्यवस्था का पालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पीड़ित और गवाहों को अतिरिक्त सामाजिक दबाव से बचाना है।
क्यों लंबा समय लगा
दुर्ग निगम कमिश्नर
का नाम तय करने में
राजनीतिक दृष्टि से हाई प्रोफाइल शहर समझे जाने वाले दुर्ग शहर के नगर निगम कमिश्नर का पद महीने भर से ज़्यादा समय तक खाली पड़ा रहा। इस पर मीडिया में अलग-अलग एंगल से ख़बरें सामने आती रहीं। नई निगम कमिश्नर लीना कोसम ने इसी हफ्ते पदभार ग्रहण कर सारी चर्चाओं पर विराम लगा दिया। नगर निगम कमिश्नर का दायित्व संभाल रहे सुमित अग्रवाल का तबादला जब शहरी विकास अभिकरण (सूडा) नया रायपुर में हुआ तो रवानगी के समय वे 12 जुलाई को डिप्टी कमिश्नर मोहेंद्र साहू को चार्ज सौंप गए थे। कोई भी प्रभारी कमिश्नर रहे उसके पास बड़ा वित्तीय अधिकार तो होता नहीं। 14 अगस्त को शासन की ओर से मोहेंद्र साहू को वित्तीय अधिकार देने का आदेश जारी हुआ ही था कि उसके चौथे ही दिन यानी 18 अगस्त को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक आईएएस अफ़सर लीना कोसम को दुर्ग निगम कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश जारी हो गया।
कुछ अपवादों को छोड़ दें तो देखने में यही आते रहा है कि किसी नगर निगम कमिश्नर का तबादला हो जाए तो उसकी जगह पर दूसरा कौन आएगा पर निर्णय लेने में शासन को ज़्यादा देर नहीं लगती, लेकिन दुर्ग के मामले में लग गई। बात घूम-फिरकर वहीं पर आती है दुर्ग राजनीतिक दृष्टि से हाई प्रोफाइल शहर जो ठहरा।
नारी शक्ति का सुभाष
तिवारी पर पूरा भरोसा
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रायपुर नगर निगम में 3 बार पार्षद रह चुके सुभाष तिवारी को प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। तिवारी उन लोगों में से हैं जब 1980 में भारतीय जनता पार्टी अस्तित्व में आई तो उसे न सिर्फ़ रायपुर शहर अपितु छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में खड़ा करने में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, ओमप्रकाश पुजारी एवं देवजी भाई पटेल जैसे नेताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। सुभाष तिवारी के भाजपा महिला मोर्चा प्रभारी बनने पर कितने ही कांग्रेसी नेता मज़े लेने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं। ये कहते हुए कि ख़ुद को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कहने वाली भाजपा को छत्तीसगढ़ में कोई ऐसी सीनियर नेत्री नहीं मिली जिन्हें प्रभारी बना दिया जाता।
तिवारी जी ऐसे नेता रहे हैं जिनकी क़ाबिलियत पर नारी शक्ति को हमेशा से भरोसा रहा है। 1999 में वे जब पहली बार पार्षद के साथ मेयर इन कौंसिल के सदस्य बने, महिलाओं का एक प्रतिनिधि मंडल उनसे मिला था। वह प्रतिनिधि मंडल काम वाली सम्मानित बाइयों का था। सम्मानित बाइयां तिवारी से कहती नज़र आई थीं कि “अब हम भी अपने अधिकारों को लेकर आवाज़ उठाएंगे और इसके लिए हमने संघ भी बना लिया है- रौताइन बाई संघ। रौताइन बाई संघ को जब कभी मदद की ज़रूरत पड़ेगी आपको खड़ा होना पड़ेगा।“
जोन दफ़्तरों पर
लगा ग्रहण…
प्रदेश की कुछ नगर निगमों के जोन दफ़्तरों में मानो इस समय ग्रहण लगा हुआ है। रायपुर नगर निगम के जोन 4 के अध्यक्ष के पुत्र के खिलाफ़ रिपोर्ट दर्ज़ हो गई, वहीं रायपुर नगर निगम के ही जोन 8 के अफसरों ने एक पार्षद के खिलाफ़ रिपोर्ट लिखाई। रिपोर्ट में गाली-गलौच से लेकर जान से मारने की धमकी देना जैसा बताया गया। रायपुर के जोन दफ़्तर तो सुर्ख़ियों में हैं ही, भिलाई नगर निगम का जोन 4 कुछ दूसरे ही तरह के मामले में अचानक चर्चा में आ गया। वो ऐसे कि भिलाई के जोन-4 शिवाजी नगर स्थित एसएलआरएम सेंटर में कर्मचारियों का जमकर डांस करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भिलाई नगर निगम के गलियारे में चर्चा यही होती दिखी कि कर्मचारियों ने प्रमोशन मिलने के बाद शानदार तरीके से तूफानी जश्न मनाया। जश्न वाला वीडियो सामने आने के बाद निगम के बड़े अफ़सरों ने उसे संज्ञान में लिया। जश्न वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पार्टी करने वाले कर्मचारियों ने जोन-4 कमिश्नर के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वायरल वीडियो कोई अभी का नहीं है। यह क़रीब चार साल पहले होली के दिन का है। आपसी विवाद के चलते किसी ने पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर उसे नया रंग दे दिया और हमें बदनाम करने की कोशिश की।
‘हनुमान अंश’ 100 करोड़
के क़रीब, ‘जान लेबे…’
1 करोड़ भी नहीं
कहते हैं फ़िल्मों का भी अपना भाग्य होता है। ‘हनुमान अंश’ की बात कर लें। बड़े सितारों और बड़े बजट वाली ‘आवारापन- 2’ एवं ‘टॉक्सिक’ जैसी फ़िल्में सामने थीं। ‘हनुमान अंश’ ने टिकट खिड़की पर सफलता के मामले में उन दोनों ही फ़िल्मों को पीछे छोड़ दिया। 7 अगस्त को जब ‘हनुमान अंश’ रिलीज़ हुई उसे देखने बहुत कम लोग सिनेमा हॉल पहुंचे। पहले व दूसरे हफ़्ते फ़िल्म का कलेक्शन काफ़ी कमज़ोर रहा। नीम करौली बाबा पर आधारित इस फ़िल्म ने तीसरे हफ्ते में कुछ ऐसा करिश्मा किया कि बड़ी संख्या में मल्टीप्लेक्स व सिंगल स्क्रीन में इस फ़िल्म को देखने दर्शक टूट पड़े हैं। ‘हनुमान अंश’ क़रीब 2 करोड़ में बनी है, जिसका बिजनेस 100 करोड़ पहुंचने के क़रीब है। सिनेमा के गणित में लगे रहने वालों का मानना है कि यह फ़िल्म 200 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर सकती है।
अब छत्तीसगढ़ी सिनेमा की कुछ बात हो जाए। ‘हनुमान अंश’ की तरह ही छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘जान लेबे का’ क़रीब 2 करोड़ की लागत से बनी फ़िल्म बताई जाती है। ‘जान लेबे का’ का प्रदर्शन ‘हनुमान अंश’ से ठीक एक हफ्ते पहले 31 जुलाई को हुआ था। ‘हनुमान अंश’ का बिजनेस जहां 100 करोड़ के क़रीब पहुंच रहा है, वहीं ‘जान लेबे का’ 1 करोड़ के आंकड़े को भी छू नहीं पाई। ‘जान लेबे का’ में छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जाने-पहचाने चेहरे हैं ही, इसमें कमाल का वीएफएक्स होने के दावे भी किए गए थे, लेकिन वो कहते हैं न हर फ़िल्म की अपनी कुंडली होती है।

