मिसाल न्यूज़
रायपुर। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की दोपहर ऐलान हो गया कि श्रीमती मीनल चौबे रायपुर से महापौर प्रत्याशी होंगी। यूं तो महापौर के लिए भाजपा से श्रीमती सरिता दुबे, विश्वदिनी पांडे एवं श्रीमती लक्ष्मी वर्मा के नामों पर भी विचार हुआ था लेकिन अंतिम मुहर मीनल चौबे के नाम पर लगी। मीनल चौबे पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत केम्प की मानी जाती हैं।
श्रीमती मीनल चौबे का जन्म स्थान रायपुर ही है। स्कूली जीवन में ही वे छात्र राजनीति में आ गई थीं और वह सिलसिला कॉलेज की पढ़ाई में भी जारी रहा। यह भी संयोग रहा कि छगन चौबे जिनसे उनका विवाह हुआ राजनीति से जुड़े हैं। छगन चौबे 2004 में भाजपा की टिकट पर रायपुर नगर निगम के पार्षद बने थे। उनके बाद श्रीमती चौबे 2009, 2014 एवं 2019 यानी लगातार तीन बार पार्षद चुनी जाती रहींं। 2019 में रायपुर नगर निगम में कांग्रेस की सत्ता चुनकर आई थी और श्रीमती चौबे को निगम नेता प्रतिपक्ष का उत्तरदायित्व मिला। 2023 में अमलीडीह में नगर निगम व्दारा 3 करोड़ की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन पर एक बड़े कांग्रेस नेता का कब्जा हो जाने का बड़ा खुलासा हुआ था। नगर निगम की सामान्य सभा में श्रीमती चौबे ने इस मुद्दे को उठाते हुए सत्ता दल कांग्रेस को बुरी तरह घेरा था। श्रीमती चौबे एवं उनके साथी भाजपा पार्षदों के विरोध के बाद वह सामुदायिक भवन कब्जे से मुक्त भी हुआ था।
श्रीमती मीनल चौबे भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष (2009), भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री (2014) एवं भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष (2019) भी रही हैं।

