29 की रात ही मुझे मालूम हो गया था हमारे धमतरी महापौर प्रत्याशी का नामांकन षड़यंत्रपूर्वक रद्द किया जा रहा- दीपक बैज

मिसाल न्यूज़

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज दावे के साथ कहा कि 29 तारीख की रात 11 बजे ही मुझे मालूम हो गया था कि हमारे धमतरी महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन षड़यंत्रपूर्वक रद्द होने जा रहा है। इसके विरोध में हम अदालत की शरण में जाएंगे।

राजीव भवन में आज प्रेस कांफ्रेंस में दीपक बैज धमतरी कांग्रेस महापौर प्रत्याशी रहे विजय गोलछा के साथ सामने आए। इस दौरान बैज ने कहा कि गोलछा का नामांकन रद्द करवाने में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हाथ है। उन्होंने ही धमतरी कलेक्टर को फोन कर कहा था कि इनका नामांकन रद्द कर दो। 29 जनवरी की रात कलेक्टर ने किन लोगों से बातचीत की यह जानने के लिए उनके मोबाइल का कॉर्ड रीडर सार्वजनिक किया जाना चाहिए। स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिये तमाम तरीके का षड़यंत्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। धमतरी में गोलछा के नामांकन पर आपत्ति आने के बाद कल ही रात को मुख्यमंत्री ने धमतरी कलेक्टर को निर्देश दिया कि कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन पर लगी आपत्ति को स्वीकार कर नामांकन रद्द कर दिया जाये। गोलछा नगर निगम धमतरी के पंजीकृत ठेकेदार नहीं हैं। वे पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत ठेकेदार हैं। उन्होंने धमतरी निगम में एक वर्ष पूर्व काम लिया था जो उसी समय पूरा हो चुका था। उसकी एनओसी भी उन्होंने निगम से लिया था। धमतरी कलेक्टर ने अवैधानिक तरीके से उनका नामांकन निरस्त किया। धमतरी कलेक्टर भाजपा के एजेंट की भांति काम कर रहे है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते है कि धमतरी कलेक्टर को तत्काल हटाया जाये। धमतरी के अलावा दंतेवाड़ा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग में हमारे वार्ड प्रत्याशियों के नामांकन भी सरकार के दबावपूर्वक निरस्त किया गया। भाजपा स्थानीय निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी। पहले अध्यादेश लाकर चुनाव पीछे करने की साजिश की गई। फिर चुनाव 6 महीने बढ़ाने विधेयक लाकर कानून बनाया गया। जब जनता का दबाव पड़ा तो चुनाव की घोषणा की गई।

बैज ने कहा कि बिलासपुर की भाजपा महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी तेलुगु समाज से आती हैं। नामांकन पत्र में उन्होंने खुद को उड़िया बताया है। पूजा विधानी का असली नाम एल. पद्मजा है। अशोक विधानी से शादी के बाद उनका नाम पूजा विधानी पड़ा। एम. पद्मजा को तेलगु समाज का माना जाता था पर उड़िया समाज का होने और ओबीसी वर्ग से होने का उन्होंने नामांकन भरा। पूजा विधानी का ओबीसी समुदाय का होने का तथाकथित प्रमाण और दस्तावेज छत्तीसगढ़ का नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी के तथ्यपूर्ण और तर्कसगंत आपत्ति को सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में बिलासपुर कलेक्टर ने दरकिनार कर दिया। नियमतः किसी भी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र उसी राज्य में बनने पर ही मान्य किया जाता है। राज्य के बाहर के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर न चुनाव लड़ा जा सकता है और न ही नौकरी के लिये पात्र माना जाता है। बिलासपुर कलेक्टर ने पूजा विधानी का जाति प्रमाण पत्र भाजपा प्रत्याशी होने के कारण अवैध तरीके से स्वीकार किया। सरकार कितना भी षड़यंत्र करे, कुछ भी कर ले, कांग्रेस पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी। हमें जनता जनार्दन पर भरोसा है। जनता भाजपा के सारे अलोकतांत्रिक कदम का जवाब मतदान में देगी।

प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री दीपक मिश्रा, सकलेन कामदार, धमतरी जिला अध्यक्ष शरद लोहाना, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा एवं प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह उपस्थित थे।

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