मिसाल न्यूज़
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केन्द्र सरकार का जो बजट पेश हुआ उस पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी प्रेस कांफ्रेंस लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केवल झूठी तारीफ करते नजर आए। बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की गई है। डबल इंजिन की सरकार का नारा देकर भाजपा ने प्रदेश को ठगने का काम किया है। छत्तीसगढ़ की रेल परियोजना से लेकर उद्योग परियोजना सब में केंद्रीय बजट में कोई प्रावधान नहीं है। बजट में मनरेगा को लेकर कटौती नजर आई है। क़ृषि में समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं होने से किसान निराश हैं। विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के नाम पर प्रदेश की जनता से जो वादे किये गए थे उसे पूरा करने के बजट में कोई प्रावधान नहीं है। यह बजट छत्तीसगढ़ के लोगों को मुंह चिढ़ाने वाला बजट है।
सुशील आनंद शुक्ला ने एक बयान जारी कर कहा कि पीएम कृषि योजना लागू करने की बात की गई है लेकिन किसानों के उपज की पूरी कीमत मिले इसके लिये एमएसपी को कानूनी गारंटी के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही कृषि ऋण माफी पर बजट में कुछ नहीं है। पीएम फसल बीमा योजना में सुधार के लिए कुछ नहीं है। बजट में मनरेगा को लेकर कोई बढ़ोत्तरी नहीं है। मनरेगा मजदूरी बढ़ाने के बारे में कुछ भी नहीं है। रोजगार बढ़ाने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। युवाओं को रोजगार के नये अवसर कैसे बढ़ेंगे, इस बजट में कुछ भी नहीं बताया गया है। महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में जनकल्याणकारी योजनाएं नहीं हैं। खाद सब्सिडी, खाद्य सब्सिडी, मनरेगा, एमएसपी की गारंटी, स्वामीनाथन कमेटी के अनुसार एमएसपी और सामाजिक सुरक्षा के मद में कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
शुक्ला ने कहा कि देश के युवा तो अब रोजगार की उम्मीद भी छोड़ चुके हैं। देश की कार्यशक्ति में महिलाओं की भागीदारी लगातार घटती जा रही है। किसानों की आय दुगुनी करने की गारंटी दी गई थी लेकिन किसानों की आमदनी लगातार कम होती जा रही है। उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार किसानों की आत्महत्या की खबरें आ रही हैं। भाजपा की जुमला नीति से महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है। ना गैस सिलेंडर के दाम कम हुए ना खाद्य पदार्थो के दाम कम करने को लेकर कोई प्रयास इस बजट में नजर आया। परिवारों की बचत खाली होती जा रही है अपना घर चलाने के लिए भी लोगों को जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
शुक्ला ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 30 से 40 प्रतिशत कम होने के बाद भी देश की आम जनता को 1 रू. की भी राहत पेट्रोल और डीजल में नहीं दी गई। 11 सालों में केंद्र सरकार द्वारा देश की आम जनता से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज के रूप में 36 लाख करोड़ रुपए की वसूली की गई। 2014 की तुलना में वर्तमान में क्रूड आयल लगभग आधे दाम पर है। पेट्रोलियम उत्पाद पर सेंट्रल एक्साइज में रियायत का कोई प्रावधान इस बजट में नहीं है।

