भृत्य की संदिग्ध मौत… लता उसेन्डी ने विधानसभा में उठाई जांच की मांग…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। आदिवासी विकास विभाग (सहायक आयुक्त कार्यालय) जिला नारायणपुर में पदस्थ भृत्य की संदिग्ध मौत के मामले को भाजपा विधायक लता उसेंडी ने आज विधानसभा में उठाया और जांच की मांग की।

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुश्री लता उसेंडी का सवाल था कि नवम्बर 2024 से 15 फरवरी 2025 तक की स्थिति में योगेन्द्र कुमार पटेल, भृत्य, मूल पदस्थ संस्था- बालक आश्रम मुंजमेटा, जिला नारायणपुर, संलग्न संस्था आदिवासी विकास विभाग (सहायक आयुक्त कार्यालय) जिला नारायणपुर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मृत्यु की जांच करने के संबंध में विभाग/शासन को कब, किसके व्दारा क्या शिकायत की गई है? शिकायत की जांच किसके व्दारा की गई? जांच में क्या तथ्य परीक्षण में आए तथा जांच उपरांत क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों नहीं की गई?

उप मुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा की तरफ से जवाब आया कि प्रश्नाधीन अवधि में योगेन्द्र कुमार पटेल की मृत्यु की जांच करने के संबंध में मृतक की माता श्रीमती लालबती पटेल, ग्राम-महिमा गवाड़ी, ओरछा नारायणपुर व्दारा 12 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय निवास रायपुर में लिखित में शिकायत की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि योगेन्द्र की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हुई है। शिकायत की जांच प्रधान आरक्षक क्रमांक-633, चौकी-हल्बा, थाना-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर व्दारा 20 नवंबर 2024 से की जा रही है। जांच क्रम में साक्षी, गवाहों के कथन लिये गए हैं। मृतक के जप्तशुदा बिसरा का रासायनिक परीक्षण कराया गया है। परीक्षण रिपोर्ट में रासायनिक विष नहीं होना पाया गया है। बिसरा की हिस्टोपैथालॉजी परीक्षण रिपोर्ट अप्राप्त है। जांच प्रक्रियाधीन है।

लता उसेंडी ने पूछा कि भृत्य योगेन्द्र पटेल की लाश का पंचनामा कब और कहां हुआ? उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि योगेन्द्र पटेल की मौत 5 अक्टूबर 2024 को कांकेर जिले के अरौद में हुई। नारायणपुर में पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार हुआ। लता उसेंडी ने कहा कि पटेल की मौत के बाद आनन-फानन में धमतरी से एम्बुलेंस बुलाई गई। पटेल के परिजनों ने उस एम्बुलेंस को रास्ते में बेन्नूर में रोका। सहायक आयुक्त ने कहा था कि शव को सीधे महिमा गवाड़ी ले जाएं और वहां अंतिम संस्कार कराएं। जब मौत कांकेर जिले में हुई तो जल्दबाजी में एम्बुलेंस धमतरी से कैसे बुलाई गई? यह सब तथ्यों को छुपाने के लिए किया गया था। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। लता उसेन्डी ने कहा कि 5 अक्टूबर की यह घटना है और 6 अक्टूबर को शव को लेकर एम्बुलेंस में घूमते रहे। मेरे व्दारा फोन करने के बाद पोस्टमार्टम हुआ। हाल यह है कि मृतक की मां को जन दर्शन में न्याय के लिए आवेदन देना पड़ा।  मृतक के परिवार को 50 हजार की सहायता दे दी गई, इसमें क्या होना है। मृतक की की छोटी बच्ची है, वृद्धा मां है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतक की मां ने किसी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्यवाही की मांग की है। बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। लता उसेंडी ने कहा कि बिसरा रिपोर्ट अब तक नहीं आई इसीलिए यहां प्रश्न लगाया। सदन में घोषणा करें कि तथ्य छुपाने वाले पर कार्यवाही होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 नवंबर 2024 को बिसरा रिपोर्ट को पुनः परीक्षण के लिए भेजा गया है। मामले की एसपी-एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी से जांच करा लेंगे।

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