विधानसभा में सुनील सोनी ने कहा- राज्य में आए दिन हो रहे साइबर क्राइम… विशेषज्ञ की नियुक्ति का अता पता नहीं…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रहे साइबर अपराध के मुद्दे को भाजपा विधायक सुनील सोनी ने आज विधानसभा में उठाया। सोनी ने कहा कि प्रदेश में आए दिन साइबर अपराध हो रहे हैं और अब तक किसी साइबर विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

प्रश्नकाल में सुनील सोनी का सवाल था कि जनवरी 2024 से जून  2025 तक छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के कुल कितने केस दर्ज किए गए? उन पर लगाम लगाने के लिये क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या इस अपराध में बैंक कर्मियों की भी भूमिका पाई गई है? जनवरी 2024 से 20 जून 2025 तक कुल कितनी राशि के साइबर अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए हैं? राजधानी रायपुर में साईबर अपराध के कुल कितने केस दर्ज हुए हैं? उप मुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा की ओर से जवाब आया कि प्रश्नाधीन अवधि में छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के कुल 1301 अपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कुछ अपराधों में बैंक कर्मियों की भूमिका पाई गई है। 107 पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाई गई है। राजधानी रायपुर में साइबर अपराध के कुल 147 केस दर्ज हुए हैं।

सोनी ने पूछा कि इतने बड़े राज्य में कोई साइबर विशेषज्ञ नियुक्त नहीं किया गया है। क्या इस काम के लिए किसी आईपीएस स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है? साइबर थाने कहां-कहां पर हैं? उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसम्बर 2024 में राजधानी रायपुर में आधुनिक तकनीकी से लेस साइबर भवन का उद्घाटन हुआ है। आईपीएस स्तर के अधिकारी ही साइबर विशेषज्ञ की भूमिका में रहेंगे। अभी इनपैनलमेंट की प्रक्रिया कर रहे हैं। साइबर अपराध पर रोक के लिए एक आईपीएस अफसर एवं 5 वरिष्ठ अधिकारी ट्रेनिंग लेकर आए हैं। जिलों में साइबर थाने नहीं साइबर सेल का ज़रूर गठन किया गया है। सोनी ने पूछा कि प्रदेश में जो रेगूलर थाने हैं वो साइबर अपराधों को देख पाने में क्या सक्षम हैं? मीडिया से मालूम हुआ कि साइबर अपराध नियंत्रण केन्द्र का एड्रेस पीएचक्यू दिया हुआ है। क्या साइबर अपराध में थाने का स्टाफ विवेचना कर किसी को गिरफ्तार करने में सक्षम है? उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 साइबर थानों की स्वीकृति मिली हुई है। 5 का काम चल रहा है। सोनी ने कहा कि आपने अपने जवाब में स्वीकार किया कि साइबर अपराधों में बैंक के कर्मचारियों की भी संलिप्तता है। अब तक साइबर अपराध में संलिप्त कितने अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल में डाला गया है? उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर 1, दुर्ग 1 एवं बिलासपुर 1 कुल 3 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन 3 मामलों में 7 लोगों को जेल में डाला गया है।

भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य का रजत जयंती वर्ष मनाने जा रहे हैं। ट्रेनिंग के लिए यहां के पुलिस अफसरों को हैदराबाद भेजा गया। पिछले डेढ़ साल में राज्य में 107 लोग साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। आपने बताया कि ठगी के शिकार लोगों को 3 करोड़ की राशि वापस दिलाई गई है। यह आंकड़ा काफी कम लगता है। इस पर नियंत्रण के लिए आईजी स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया जाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सही है कि ठगी के शिकार हुए 107 लोगों को 3 करोड़ 69 लाख वापस हुए हैं। सारा कुछ अदालत से क्लीयर हो जाने के बाद ही राशि लौटाने का काम होता है, जो लगातार चलते रहता है। साइबर नियंत्रण के लिए आईजी स्तर के अधिकारी को ही जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में 28 फरवरी को इसी संबंध में मेरा प्रश्न लगा था जिसमें जवाब आया था कि साइबर विभाग में साइबर विशेषज्ञ की नियुक्ति किए हैं और अभी बता रहे हैं कि प्रक्रिया चल रही है। यदि छत्तीसगढ़ के छह लोग प्रशिक्षण लेकर लौट चुके हैं तो साइबर शाखा में नियुक्ति कब तक होगी? उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 आईपीएस समेत 5 अफसरों की नियुक्ति जल्द कर दी जाएगी।

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