विधानसभा अध्यक्ष को कहना पड़ा- आप लोग मेरे आग्रह की धज्जियां उड़ा रहे… डीएपी खाद की कमी को लेकर कांग्रेस विधायकों का जमकर हंगामा…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के आज चौथे दिन विपक्ष ने पूरे प्रदेश में डीएपी खाद की कमी होने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। चर्चा के दौरान विपक्ष एवं सत्ता पक्ष के बीच खूब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। मामला ऐसा गरमाया कि सारे विपक्षी विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते गर्भ गृह में आ गए और परंपरानुसार स्वमेव निलंबित हो गए। विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित विपक्षी विधायकों को दो से तीन बार सदन से बाहर चले जाने कहा, लेकिन वे नहीं गए और गर्भ गृह में ही धरना देते हुए नारेबाजी करने लगे। कड़ी नाराजगी जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष को कहना पड़ा कि आप लोग असंसदीय व्यवहार करते हुए 25 साल पुरानी परंपरा को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। मेरे दो बार, तीन बार के आग्रह की आप लोग धज्जियां उड़ाते रहे। इसके साथ ही अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल का सवाल था कि प्रदेश में डीएपी खाद की कितनी मांग (टारगेट) रहती है और कितनी आपूर्ति (सप्लाई) हुई है? क्या डीएपी खाद की कमी हुई है? यदि हाँ तो सरकार किसानों को डीएपी खाद किस कारण से उपलब्ध नहीं करा पा रही है? कृषि मंत्री रामविचार नेताम की ओर से जवाब आया कि खरीफ 2025 में प्रदेश के लिए भारत सरकार द्वारा डीएपी 3 लाख 10 हजार मेट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माह अप्रैल से जून 2025 तक 2 लाख 19 हजार 100 मेट्रिक टन का सप्लाई प्लान भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय व्दारा जारी किया गया गया है। इसके विरुद्ध 30 जून 2025 तक 1 लाख 8 हजार 155 मेट्रिक टन की आपूर्ति हुई है। पूर्व मौसम (रबी 2024-25) का बचत स्कंध 40 हजार 746 मेट्रिक टन मिलाकर कुल 1 लाख 48 हजार 900 मेट्रिक टन का भंडारण हुआ है। वर्तमान खरीफ मौसम में  30 जून 2025 तक जारी सप्लाई प्लान के विरुद्ध कम आपूर्ति परिलक्षित हो रही है। इस प्ररिप्रेक्ष्य में कृषकों हेतु वैकल्पिक फॉस्फेटिक उर्वरकों का भंडारण कराया जा रहा है तथा इनके उपयोग हेतु कृषकों के मध्य प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

उमेश पटेल ने कहा- 3 लाख 10 हजार मेट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित था, 1 लाख 48 हजार 900 मेट्रिक टन का भंडारण हुआ। इस तरह लक्ष्य के विपरीत आधे से भी कम भंडारण हो पाया। शेष की पूर्ति करने के लिए क्या प्लान है? कृषि मंत्री ने कहा- आपूर्ति हेतु विभागीय एवं मुख्यमंत्री स्तर पर सतत् भारत सरकार के संपर्क में हैं। डीएपी खाद की कमी की स्थित में दूसरा डीएपी नैनो विकल्प के रूप में आ गया है। 20 जुलाई तक 18 हजार मेट्रिक टन की आपूर्ति हो जानी है। कुल 14 रैक प्राप्त होगा। पटेल ने पूछा- आधे से भी कम खाद की बात सामने आई है। कितने प्रतिशत सोसायटी के माध्यम से व कितने प्रतिशत व्यापारियों के माध्यम से खाद किसानों तक पहुंची? मंत्री ने कहा पुराने व बचत को मिलाकर जून महीने तक 46 लाख मिट्रिक टन की आपूर्ति कर देंगे। अब तक 60 प्रतिशत सोसायटियों तथा 40 प्रतिशत निजी क्षेत्रों के माध्यम से किसानों तक खाद पहुंची है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मेरा आग्रह है डीएपी शत प्रतिशत किसानों को दें। निजी क्षेत्र में न दें। तभी व्यवस्था सुधरेगी। नेताम ने कहा आगे जितनी भी डीएपी आएगी सोसायटियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराएंगे। पटेल ने कहा कि शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि व्यापारी डीएपी को 1800 से लेकर 2100 रुपये तक में बेच रहे हैं। मंत्री ने कहा कि प्रदेश भर से शिकायतें आती हैं। निजी क्षेत्र वाली परिपाटी हमने नहीं शुरु की। मंत्री के इस कथन पर विपक्षी विधायकगण विरोध जताते हुए शोर मचाने लगे।

पटेल ने कहा कि निजी क्षेत्र से मनमानी कीमत पर बिकने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती। ऐसा चल रहा है आपका शासन। जहां तक पूरा सदन मेरी बात पर सहमत होगा कि हर जगह डीएपी की कमी है। पटेल की बात का समर्थन करते हुए उनकी पार्टी के विधायक शोर मचाने लगे। जवाब में सत्ता पक्ष की तरफ से भी शोर शराबा शुरु हो गया। विपक्षी विधायकों की ओर से सरकार के खिलाफ नारेबाजी होने लगी।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हमारे शासनकाल में राजनांदगांव में नकली यूरिया बिक रहा था तो धरपकड़ की थी। आपके शासनकाल में तो हर साल नकली यूरिया पकड़ा जाता रहा है। बघेल की इस बात के विरोध में सत्ता पक्ष की तरफ से शोर शराबा होने लगा। जवाब में विपक्षी विधायकों की ओर से फिर नारेबाजी शुरु हो गई। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु होने पर विपक्ष की तरफ से हुए सवालों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पूर्व में दिया गया आंकड़ा जून तक का था। 5 दिनों में 18 हजार 555 मेट्रिक टन और प्राप्त हो जाना है। रही बात डीएपी की कमी की तो यह केवल हमारे यहां ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में है। मंत्री के इस जवाब पर विपक्षी विधायकगण फिर शोर मचाने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस विषय पर चर्चा करते हुए 17-18 मिनट हो गए। मंत्री का जवाब आ गया। इसके बाद कुछ बचता नहीं। आगे का प्रश्न लिया जाए। अध्यक्ष व्दारा कार्यवाही आगे बढ़ाने पर सारे कांग्रेस विधायकगण नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में आ गए। भारी नारेबाजी के बीच में ही भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल ने  सवाल पर सवाल पूछे और कृषि मंत्री नेताम ने उनका जवाब दिया। अग्रवाल के सवाल पूरे हो जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सारे कांग्रेस विधायकगण गर्भ गृह में आकर स्वमेव निलंबित हो गए हैं। उनसे आग्रह है कि सदन से बाहर चले जाएं। अध्यक्ष के निर्देश के बाद भी विपक्षी सदस्यगण बाहर नहीं गए और गर्भ गृह में नारेबाजी करते रहे। मंत्री नेताम ने विपक्षी सदस्यों की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि ये घड़ियाली आंसू कब तक बहाते रहोगे। पूरे प्रदेश की जनता देख रही है। इसके बाद सत्ता पक्ष की तरफ से भी नारेबाजी शुरु  हो गई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि निलंबन के बाद भी ये लोग यहां पर नारेबाजी कर रहे हैं, यह उचित नहीं। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से फिर कहा कि आप लोग निलंबित हैं, सदन की कार्यवाही में सहयोग करें। फिर भी विपक्ष की ओर से नारेबाजी होती रही। नारेबाजी के बीच ही भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्दारा निर्मित आवासों पर सवाल किए, जिनका आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जवाब दिया। जैसे ही चंद्राकर के सवालों का सिलसिला खत्म हुआ, कांग्रेस विधायकगण नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में ही धरने पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि आप लोग असंसदीय व्यवहार करते हुए 25 साल पुरानी परंपरा को ध्वस्त करने में लगे हुए हैं। मेरे दो बार, तीन बार के आग्रह की आप लोग धज्जियां उड़ाते रहे। इसके साथ ही अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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