मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज भाजपा विधायक अजय चंद्राकर व्दारा पूछे गए सवाल के जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के बिक्री हेतु शेष भवन जर्जर नहीं हैं, अतः जीर्णोद्धार की आवश्यकता नहीं है।
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का सवाल था कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अंतर्गत 15 जून 2025 की स्थिति में किन-किन योजनाओं के माध्यम से कितने मकान बनाये गए? उनमें से कितने मकानों की बिक्री हुई है और कितने मकान शेष हैं और कब से बिक्री नहीं हुई? ऐसे कितने मकान हैं, जिनका निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और बिक्री नहीं होने की वजह से जर्जर होने की स्थिति में हैं और उनके जीर्णोद्धार में कितनी लागत आयेगी? क्या उक्त खाली मकानों की बिक्री ना होने के संबंध में विभाग व्दारा विश्लेषण किया गया है? यदि हां तो किन-किन कारणों से बिक्री नहीं हो रही है? उसके लिये क्या कार्य योजना अब तक बनाई गई है?
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी की तरफ से जवाब आया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अंतर्गत 15 जून 2025 की स्थिति में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना, सामान्य आवास योजना के अंतर्गत कुल 80 हजार 870 मकान बनाये गये हैं। उनमें से कुल 78 हजार 503 मकानों की बिक्री हुई है। कुल 2 हजार 367 मकान शेष हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के बिक्री हेतु शेष भवन जर्जर नहीं हैं, अतः जीर्णोद्धार की आवश्यकता नहीं है। मकानों को “जहां है जैसा है” में एकमुश्त निपटान अंतर्गत छूट के साथ बिक्री की जा रही है। विभाग व्दारा उक्त खाली मकानों की बिक्री ना होने के संबंध में विश्लेषण किया गया है। मकानों के बिक्री नहीं होने का मुख्य कारण विशेषतः भवन के मांग में कमी, कोविड-19 में कोरोना महामारी, आबंटियों व्दारा भवन का पंजीयन पश्चात् पुनः निरस्त करना, फ्लैट/बहुमंजिला भवनों हेतु जनता का कम रुझान इत्यादि हैं। मकानों के बिक्री के लिये 19 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रि परिषद की हुई बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के व्दारा निर्मित 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके हुए चिन्हांकित आवासीय/व्यवसायिक संपत्तियों को एकमुश्त निपटान हेतु वन टाईम सेटलमेंट लागत मूल्य (बेस रेट) में क्रमशः 10, 20 एवं 30 प्रतिशत की छूट के आधार पर निर्धारित शर्तों के साथ विक्रय की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त कार्य योजना के तहत् छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल व्दारा 1 जुलाई 2025 तक कुल 920 संपत्ति 13 करोड़ 9 लाख 47 हजार की बिक्री की गई है।
चंद्राकर ने पूछा कि आपने जर्जर मकानों के लिए छूट वाली योजना लाई, इससे हाउसिंग बोर्ड को कितने की क्षति हुई? चौधरी ने जवाब में कहा कि क्षति नहीं बल्कि अच्छा प्रतिसाद मिला। बड़ी रकम हाउसिंग बोर्ड के खाते में आई। अब तो नियम बना दिया गया है यदि कोई नई आवासीय योजना लाई जाती है तो 60 प्रतिशत बूकिंग के बाद ही निर्माण कार्य का टेंडर लगाया जाएगा।

