स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में रायपुर को देश में चौथी रैंकिंग, छत्तीसगढ़ का पहला गार्बेज फ्री सिटी भी बना- सूर्यकांत राठौर

मिसाल न्यूज़

रायपुर। नगरनिगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़ और निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने बताया कि रायपुर शहर ने मिलियन यानी 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया है। रायपुर को राज्य स्तर में छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का मिनिस्टीरियल अवॉर्ड भी प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय स्तर में कुल 12 शहरों को 7-स्टार का पुरस्कार प्राप्त हुआ है जिसमें से रायपुर नगर निगम ने भी अपना स्थान प्राप्त किया है। इसी के साथ राष्ट्रीय स्तर के 4589 नगरीय निकाय की इस प्रतियोगिता में रायपुर छत्तीसगढ़ का पहला 7-स्टार जी.एफ.सी. यानी गार्बेज फ्री सिटी भी बन गया है।

नगर निगम मुख्यालय में आज पत्रकार वार्ता में सभापति सूर्यकांत राठौर ने बताया कि रायपुर शहर  ने कुल 12500 अंकों के इस सर्वेक्षण में 11996 अंक प्राप्त किए। अगर रायपुर मात्र 5 अंक और प्राप्त कर लेता तो वह तीसरा स्थान प्राप्त कर लेता। टॉप-3 शहरों में कड़ी प्रतियोगिता थी। टॉप शहर अहमदाबाद और रायपुर के अंकों में मात्र 83 अंकों का अंतर रहा। इस तरह रायपुर ने राष्ट्रीय स्तर पर बाकी शहरों को कड़ी टक्कर दी। रायपुर बीते वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में ग्यारहवें स्थान पर था जो इस वर्ष चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यह दिखाता है कि हम स्वच्छता की दिशा में तेजी और सफलता से आगे बढ़ रहे हैं। यह बड़ी उपलब्धियां हैं जो हमारे लिए गर्व का विषय है। यह हम सभी के सामूहिक प्रयासों, प्रतिबद्धता, टीम भावना और जनसहभागिता का ही परिणाम है। हमारे जागरुक नागरिकों, सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों, शासन, निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों, एनजीओ, सहयोगी संस्थाओं, ब्रांड एंबेस्डर और वॉलेंटियर्स के सहयोग व प्रयास से ही यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में संभव हो पाया है। इसमें नगर निगम कमिश्नर द्वारा निर्धारित रणनीति एवं दिशा में किए कार्यों एवं प्रयासों की भी अहम् भूमिका रही है। निगम कमिश्नर व उनकी टीम को शुभकामनाएं देता हूं कि भविष्य में रायपुर नगर निगम राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करें।

सभापति ने कहा कि हमारी नगरीय निकाय को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतियोगिता में चौथी रैंक प्राप्त होने में हमारे शहर के संकरी स्थित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट, 90 प्रतिशत घरों से कचरा कलेक्शन, ट्रीटेड सीवेज जल का पुनःउपयोग और मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग जैसे पहलुओं की अहम् भूमिका रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में सिर्फ साफ-सफाई ही नहीं बल्कि स्वच्छ पेयजल, कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान, रीसाइकलिंग, अनुपयोगी वस्तुओं और कचरे का पुनः उपयोग, शौचालयों की उपलब्धता तथा पूर्ण सफाई व्यवस्था, चौराहों का सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ उद्यान, स्वच्छ फुटपाथ, धूल कम करने के प्रयास, सड़कों किनारे पेविंग ब्लॉक, प्लांटों का सुचारू संचालन, नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना, केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाना जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया था।

सभापति ने कहा कि इस रैंकिंग से आगामी वर्षों में हम पर अधिक जिम्मेदारी आ गई है। अब हमें देश में नंबर-वन आने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। अब हमसे उम्मीदें भी बढ़ गई हैं जिन्हें हमें निरंतर मेहनत और लगन से पूरा करना होगा। जैसे रायपुर के जागरुक नागरिकों ने अपनी जीवन शैली में स्वच्छता की आदत अपनाई है उसे बनाए रखना और उसमें निरंतर बेहतरी करते रहना होगा। निगम भी स्वच्छता की दिशा में प्रयासों और नवाचारों की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। देश में नंबर-वन आने के लक्ष्य को हासिल करने की जिम्मेदारी हम सभी रायपुरवासियों की है। कचरा को इधर-उधर और नालियों में बिल्कुल ना फेंके। डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए आने वाली गाड़ियों में ही कचरा देवें। अपने साथ कपड़े या जूट का झोला अवश्य रखें। शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें। इधर-उधर ना थूंके और खुले में पेशाब ना करें। सार्वजनिक स्थलों व शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने में हमें सहयोग दें। कचरा फैलाने पर फाइन और प्लास्टिक उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता नोडल अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन रघुमणि प्रधान एवं सहायक अभियंता सहायक नोडल अधिकारी योगेश कडु उपस्थित थे।

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