मिसाल न्यूज़
रायपुर। नगर निगम व्दारा शहीद स्मारक भवन को ठेके पर निजी एजेन्सियों को नहीं देने की मांग को लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन का प्रतिनिधि मंडल आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मिला। महापौर ने कहा कि सेनानी परिवारों के प्रति उनके मन में पूरा सम्मान है। उनकी भावनाओं के विपरीत जाकर किसी भी निजी एजेन्सी को कोई ठेका नहीं दिया जाएगा। जो टेंडर हुआ है उसे रद्द कर दिया जाएगा।
सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर खंडेलवाल ने महापौर को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि शहीद स्मारक के निर्माण में हमारे पुर्वजों ने खून पसीना एक किया है। सेनानियों का सपना था कि ऐसा शहीद स्मारक खड़ा हो जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें। भारत छोड़ो आंदोलन में स्वतंत्रता सेनानियों ने जो अपना सर्वस्व न्यौछावर किया वह इतिहास के पन्नों में दर्ज रहे। रायपुर के इस शहीद स्मारक भवन की मिसाल पूरे देश में दी जाती है। मीडिया के माध्यम से हमें मालूम हुआ कि अपनी आय का स्त्रोत बढ़ाने नगर निगम शहीद स्मारक परिसर में फूड जोन व चौपाटी खोलने जा रहा है। यदि फूड जोन व चौपाटी खुली तो वह शहीद स्मारक की गरिमा पर चोट पहुंचाने वाला होगा, अतः इस पर लाया गया टेंडर तत्काल निरस्त किया जाए। नगर निगम कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष तथा सेनानी परिवार के वरिष्ठ सदस्य अरुण दुबे एवं वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता ने भी प्रमुखता से शहीद स्मारक पर अपनी बातों को रखा।
सेनानी परिवार के सदस्यों के सारे पक्षों को गंभीरतापूर्वक सुनने के बाद महापौर ने आश्वस्त करते हुए कहा कि सेनानी परिवारों के प्रति हमेशा से मेरे मन में पूरा सम्मान रहा है। उनकी भावनाओं के विपरीत जाकर नगर निगम कोई कदम नहीं उठाएगा। यदि टेंडर हो भी गया होगा तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। महापौर ने उत्तराधिकारी संगठन के पदाधिकारियों से कहा कि शहीद स्मारक ऑडिटोरियम के दाएं व बाएं तरफ बढ़ा हिस्सा खाली है। उसे यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता है। उसका कोई न कोई उपयोग करना ही होगा। सेनानी उत्तराधिकारी संगठन स्वयं इस पर सूझाव तैयार करे और नगर निगम के समक्ष रखे। जो सूझाव उपयोगी होंगे उन पर नगर निगम उचित निर्णय लेगा।
महापौर से मिलने गए सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के प्रतिनिधि मंडल में श्रीमती बबीता नथानी, सुरेश मिश्रा, प्रभात केयूर भूषण, अनिरुद्ध दुबे, अखिलेश त्रिपाठी, किशोर कुमार अग्रवाल, मंगल सिंग, चंद्रकांत पांडे, राजेंद्र कुमार चतुर्वेदी, प्रवीण दीक्षित, धर्मेंद्र पंड्या, किशन बाजारी, महेश दुबे, रमा जोशी, रेखा जोशी एवं प्रभा शर्मा शामिल थे।