0 विधानसभा शीतकालीन सत्र का पहला दिन
मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आज पहले दिन विज़न डॉक्यूमेंट 2047 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर काफी आक्रामक मूड में नज़र आए। उन्होंने सवाल उठाया कि किस प्रावधान के तहत सदन में विजन 2047 डाक्यूमेंट पर चर्चा हो रही है? ये शासकीय संकल्प है या अशासकीय संकल्प? उल्लेखनीय है कि आज सदन में चर्चा की शुरुआत वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विज़न 2047 डाक्यूमेंट रखते हुए की थी।
चर्चा में हिस्सा लेते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई। आज तक तय नहीं हो पाया है कि रोजगार की परिभाषा क्या है। ब्यूरोक्रेसी में गुड गवर्नेस की जरूरत है। कृषि का रकबा कम हो रहा है पर विजन डॉक्यूमेंट में कृषि का योगदान बढ़ने की बात कही गई है। सिंचाई को लेकर हमारे पास कोई पॉलिसी नहीं है। दंतेवाड़ा जैसे स्थान पर सिंचाई की क्या व्यवस्था है इस पर विचार कर लिया जाना चाहिए। क्या हम बीज के मामले में आत्मनिर्भर हैं? मैं कोई आलोचना नहीं कर रहा हूं। केवल वस्तुस्थिति बता रहा हूं। हम यह जानने की भी कोशिश करें कि डेयरी उत्पादन में छत्तीसगढ़ का क्या योगदान है। दुग्ध उत्पादन मरणासन्न अवस्था में है। चारे की व्यवस्था के लिए कोई सोच नहीं है। गायों के कृत्रिम गर्भाधान की कोई व्यवस्था नहीं है।
चंद्राकर ने कहा कि आपने औद्योगिक नीति बनाई, उसको लागू करने बनाई या उसमें संशोधन के लिए बनाई? देखता हूं हर महीने एक संशोधन कर दिया जाता है। यहां का लोहा विदेशों में अलग-अलग कामों में उपयोग में लाया जाता है यह तो बता दिया गया लेकिन बता दूं कि दुर्घटना वाले तेजस में हमारा लोहा नहीं था। हम जनोपयोगी कार्यों में खर्च नहीं कर पा रहे हैं तो क्या बजट केवल फ्री फीज के लिए है? फिर तो आर्थिक प्रबंधन की कोई जरूरत ही नहीं रह गई। आज तक 2022-23 के बजट की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं हुई। ऐसा लगता है सरकार में फाइलें मानो ऑटो मोड पर चल रही हों। विधायकों के बिना फ़ाइलें आगे नहीं बढ़तीं। हम जब तक बोलेंगे नहीं अधिकारी काम नहीं करते। फोन करो तो बोलते हैं काम करने नहीं दिया जाता। ब्यूरोक्रेसी कैसे काम कर रही है देखना होगा।

