मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज ‘वंदे मातरम्’ पर भी चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल गान नहीं अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के प्रेरणा का स्त्रोत रहा है। ‘वंदे मातरम्’ पर इस सदन में चर्चा इसलिए जरूरी है कि आज हम नए युग की तरफ बढ़ रहे हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि महान कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय व्दारा ‘वंदे मातरम्’ लिखे जाने के बाद जब उसके 50 वर्ष पूरे हुए तब भारत देश अंग्रेजों का गुलाम था। वंदे मातरम् के 100 साल पूरे हुए तो देश में इमर्जेन्सी लगी थी। आज जब वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं तो केंद्र में मोदी जी सरकार है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज के दिन इस सदन में हमारे लिए गौरवशाली अवसर है कि हम सब नये भारत के निर्माण में अपनी भूमिका दर्ज कराएं।
इतिहास को न
बिगाड़ें- डॉ. महंत
वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि यह समझ से परे है कि बीच-बीच में नेहरू जी की बात की जाने लगती है। कहा जाता है कि नेहरू जी ने इस गीत को तोड़ा और वह विभाजन का कारण बना। सच्चाई यह है कि नेहरू जी का इस गीत को लेकर व्यापक दृष्टिकोण था। इस गीत से देश को नई ताकत मिले इसलिए गीत की दो महत्वपूर्ण पंक्तियों को स्वीकार किया। मैं यह कहना चाहूंगा कि हम इतिहास को न बिगाड़ें। आने वाली पीढ़ी को अगर हम गलत रास्ता दिखाएंगे तो यह कहां से उचित होगा।

