ऋण उठाकर किसानों के साथ किया जाता रहा था धोखा, ईओडब्लू में करेंगे शिकायत- केदार गुप्ता

मिसाल न्यूज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक(अपेक्स बैंक) के अध्यक्ष (प्राधिकृत अधिकारी) केदार नाथ गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व में किसानों की बिना जानकारी में लाए उनके नाम से अपेक्स बैंक से ऋण उठा लेने जैसे कृत्य होते रहे थे। इसके पीछे वही लोग थे जो बार-बार किसानों की कर्ज माफी की बात करते रहे थे। किसानों के साथ धोखे समेत कुछ अन्य मामले हैं जिन्हें ईओडब्लू (राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) को सौंपा जाएगा। अपेक्स की बोर्ड की बैठक में यह तय हो चुका है।

पंडरी सिटी सेंटर मॉल के पास स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के सभाकक्ष में आज पत्रकार वार्ता में केदारनाथ गुप्ता ने कहा कि हमारा जोर नवाचार पर है। नवाचार स्थापित करने के लिए अपेक्स बैंक में हम वह सब सुविधाएं लाते चले जा रहे हैं जो राष्ट्रीयकृत बैंकों में मिला करती हैं। पू्र्व में कोआपरेटिव्ह बैंक में गबन घपलों की शिकायतें लगातार आती रही थीं। इस पर हमने विचार करना शुरु किया कि रोक कैसे लगाई जाए। साफ्टवेयर अपडेट करना शुरु किया। गांवों में किसान भाइयों को मकान बनाने आसान ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरु की। आवास लोन में किसान 30 वर्षों तक आसान किश्त पटा सकते हैं। हाउसिंग लोन की सीमा वर्तमान में जो 75 लाख तक है उसे बढ़ाकर 1 करोड़ तक करने का प्रस्ताव भेजा गया है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में किसानों के नाम पर फर्जी ऋण लिए जाते रहे थे। इसके पीछे गिरोह काम करते रहा था। ऐसा कई प्रकरणों का पता चला है जिसमें गिरोह के कारण किसान ऋणी हो गया। फर्जी ऋण के अलावा और भी जो घोटाले होते रहे उसे ध्यान में रखते हुए हमने नया सॉफ्टवेयर बनवाया। घोटाले अब बीते दिनों की बात हो गई है। ईकेसीसी पोर्टल के माध्यम से ऋण वितरण हेतु किसानों के Biometric Authentication का उपयोग कर ऋण वितरण का कार्य किया जावेगा। Biometric Authentication से फर्जी ऋण वितरण को रोकने में ईकेसीसी पोर्टल सहायक सिद्ध होगा। वहीं केसीसी पोर्टल के माध्यम से अन्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। समिति के केसीसी खातों को सीधे नामे करने का विकल्प सीबीएस में प्रतिबंधित कर दिया गया है। 2FA Dual Authentication को सीबीएस में अनिवार्यतः लागू किया गया है। सीबीएस में बैंक के सबीएस यूजर के साथ IP Binding लागू किया गया है। ईकेसीसी को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। UIDAI से AUA/KUA की सदस्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके उपरांत AePS की सुविधा लागू किया जा सकेगा। MIS Dashboard की व्यवस्था लागू की गयी है, जिसमें प्रतिदिन कृषि ऋण वितरण एवं वसूली किसानवार, समितिवार, शाखावार, जिलेवार एवं संबंधित बैंक मुख्यालय स्तर पर उपलब्ध है। RBI के दिशा-निर्देशानुसार सहकारी बैंकों का Domain “bank.in” में माइग्रेट कर लिया गया है।

गुप्ता ने बताया कि 99% किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान उनके खातों में सरकार के PFMS पोर्टल के माध्यम से 24 घंटे के भीतर किया जा रहा है। सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को 11.20 लाख Rupay ATM Card जारी किया गया है। इसके माध्मय से किसान माइक्रो एटीएम एवं एटीएम मशीन से राशि आहरण करते हैं। सहकारी बैंकों में Rupay ATM Card के माध्यम से प्रति दिन की आहरण सीमा में वृद्धि करते हुये इसे राशि रु. 40 हजार किया गया है। सहकारी बैंकों में Rupay ATM Card के माध्यम से माइक्रो एटीएम में प्रति ट्रांजेक्शन की सीमा 20 हजार तय कर दी गई है। नाबार्ड दवारा सहकारी बैंकों से संबद्ध समितियों के कृषक सदस्यों को कषि ऋण वितरण करने हेतु डिजिटल प्लेटफार्म eKCC पोर्टल तैयार किया गया है। इसमें ऑनबोर्डिंग करने हेतु खरीफ 2026 से कृषक सदस्यों के कृषि ऋण आवेदन CKCC पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत राज्य सहकारी बैंक एवं समस्त जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों व्दारा कार्यवाही की जा रही है एवं किया जाएगा।

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