मिसाल न्यूज़
रायपुर। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सवाल उठाया है कि चाइनीज मांझा के प्रतिबंधित होने के बाद भी उसकी बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इसके बाद भी किसी भी दुकानदार के विरूद्ध एफआईआर कार्यवाही क्यों नहीं हुई? तिवारी ने हाल ही में चाइनीज मांझे से जख्मी हुए नेहा यादव एवं संकल्प द्विवेदी को 2-2 लाख रू मुआवजा देने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाली पतंग मांझे की दुकानों से लगातार बिक्री हो रहे चायनीज मांझे से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। रास्ते में चलने वाली आम-जनता को इन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। लगातार दुर्घटनाओं के बाद भी जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई ठोंस कार्यवाही नहीं होना समझ से परे है। दुकानदार चाइनीज मांझा बेचकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। चाइनीज मांझा के प्रतिबंधित होने के बाद भी उसकी बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। इसके बाद भी किसी भी दुकानदार के विरूद्ध एफआईआर एवं अन्य कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है? पिछले कुछ सालों से चाइनीज मांझा के प्रकरण लगातार आ रहे हैं और जप्ती की कार्यवाही केवल खानापूर्ति साबित होती रही है। जिन दुकानदारों से मांझे की जब्ती की जा रही है उनसे यह पूछताछ भी नहीं की जा रही है कि उन्हें यह मांझा सप्लाई कौन कर रहा है। सप्लायर का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाना समझ से परे है। चाइनीज मांझे की सप्लाई की मुख्य चैन को तोड़ने में जिला प्रशासन एवं नगर निगम प्रशासन लगातार फेल साबित हो रहा है।

