शहीद स्मारक परिसर में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संस्था ने किया ध्वजारोहण… संगठन को गति देने पर हुआ विचार विमर्श…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था व्दारा शहीद स्मारक परिसर में ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात् शहीद स्मारक में ही संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें आगे संगठन को गति देने विभिन्न सूझाव आए।

संस्था की संरक्षक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.कमलनारायण शर्मा की ज्येष्ठ सुपुत्री श्रीमती सविता पाठक के हाथों ध्वजारोहण होने के बाद राष्ट्रगान हुआ। इस अवसर पर अजय कुमार जैन, अनिल कुमार गुप्ता,मुकेश बाबरिया, चंद्रकांत पांडे, परसराम अहीर, पी.संतोष नायडू, राजेन्द्र कुमार जंघेल, राजेन्द्र चतुर्वेदी, अरुण दुबे,मंगल सिंह, निशांत तिवारी, प्रवीण दीक्षित, राजेन्द्र कुमार उमाठे, श्रीमती बबीता नत्थानी,श्रीमती सुधा कसार, श्रीमती रमा दत्त जोशी, श्रीमती रेखा जोशी एवं डॉक्टर मुक्ति बैस उपस्थित थे।

ध्वजारोहण पश्चात एक बैठक हुई। सर्वप्रथम श्रीमती सविता पाठक ने कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व जो मनाया जाता है इसका कारण हमारे पूर्वज हैं जिन्होने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर त्याग तपस्या से बलिदान और कुर्बानी दी। आज आवश्यकता है भारत गणराज्य व्यवस्थित रुप से स्थापित हो, सुरक्षित हो, जिसमें हम सभी को न्याय सुलभ हो। अजय कुमार जैन ने कहा कि वर्तमान समय में हम सेनानी परिवार का यह कर्तव्य और दायित्व है कि हम अपने भारत देश के संवैधानिक व्यवस्था को व्यवस्थित संरक्षित रखने के हमेशा कृतसंकल्पित रहने के लिये अधिक उत्तरदायी रहें। अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे पूर्वजों के त्याग, तपस्या और बलिदान का ही फल है कि आज संपूर्ण देश में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित हो रहा है। इस समय हम सभी का विशेषकर स्वतंत्रता सेनानी परिवार का यह दायित्व हो जाता है कि सर्वत्र समरसता बनी रहे। सभी साथियों के विचार भिन्न भिन्न हो सकते हैं मनभेद नहीं। श्रीमती सुधा कसार ने कहा कि हम सभी को संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करते हुए हम सभी को एकजुट होकर संगठन को बनाए रखने हेतु कृतसंकल्पित रहना चाहिए। श्रीमती रमा दत्त जोशी ने कहा कि हम सभी को एकजुट होकर संगठन को सशक्त बनाने की आवश्यकता है। प्रवीण दीक्षित ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. कमलनारायण शर्मा जी  ने कर्तव्यनिष्ठ होकर शहीद स्मारक भवन निर्माण में सभी सेनानी परिवार के सहयोग से जो कार्य कराया वह भूलाया नहीं जा सकता। उनके कार्यशैली का अनुसरण किया जाना चाहिए। परसराम अहीर ने कहा कि हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं किंतु मनभेद नहीं। हमारी एकजुट और संगठित होकर शासन के समक्ष आवश्यक मुद्दों को सामने रख सकते हैं। राजेन्द्र कुमार उमाठे ने कहा कि वर्तमान समय में शासन से अपने मांग अथवा सुविधाओं को प्राप्त करने और संगठन को अधिक सशक्त बनाने सभी के विचार विमर्श के लिए एक पृथक से बैठक बुलाने की जरूरत है।

श्रीमती बबीता नत्थानी ने कहा कि जैसे हमारे पूर्वजों ने संगठित होकर देश को आजाद कराया था। हम सभी उनके वंशज हैं। आप सभी के विचार विमर्श मार्गदर्शन से संस्था के कार्य को गति मिलेगी। इससे संस्था सशक्त भी होगी। डाक्टर मुक्ति बैस ने कहा कि संगठन को और मजबूत तथा सशक्त करने साप्ताहिक या अर्धमासिक बैठक बुलाई जाये। सेनानी परिवार जनों के शासन प्रशासन में लम्बित कार्यों का निराकरण हो। उनके जायज मांगों पर विचार विमर्श मंथन निर्णय लेकर शासन को उचित मांग पत्र सौंपा जा सके। अरुण दुबे ने कहा कि हम सभी गौरवशाली समाज और सभ्य परिवार के साथी हैं। किंतु शासन प्रशासन के समक्ष अपनी बात और जायज मांगों को रखने अभी तक एकजुट होकर संगठित रुप से रखने में सफल नहीं हुए हैं। हम सभी को एकजुट होकर संस्था को मजबूती प्रदान करना होगा।  संगठन में बड़ी शक्ति होती है। हम संगठित होकर शासन प्रशासन के सामने अपनी जायज मांगों के लिए आवाज बुलंद करें।

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