मिसाल न्यूज़
छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘मया दे दे मयारू- 2’ इशिका यादव की दूसरी बड़ी फ़िल्म मानी जा रही है। इससे पहले वह ‘मोर छंइहा भुंइया- 3’ में नज़र आ चुकी हैं। इशिका यादव कहती हैं- “मया दे दे मयारू 2 में आप नई इशिका को देखेंगे। सिनेमाई करियर की शुरुआत में मैंने काफ़ी कठिन दौर देखा। आज ख़ुद को टॉप पर देखती हूं।“ निर्माता अलक राय की ‘मया दे दे मयारू- 2’ का प्रदर्शन 10 अप्रैल को पूरे छत्तीसगढ़ में होने जा रहा है।

हाल ही में ‘मिसाल न्यूज़’ की इशिका यादव से ‘मया दे दे मयारू- 2’ को लेकर बातचीत हुई, जो यहां प्रस्तुत है-
0 ‘मया दे दे मयारू- 2’ में किस तरह का किरदार है…
00 मन कुरैशी के अपोज़िट हूं। टीचर का रोल है। ऐसी लड़की जो काफ़ी समझदार है।
0 लगता यही है कि प्रोड्यूसर मन कुरैशी के साथ आपको साइन करना ज़्यादा पसंद कर रहे हैं…
00 हां, ‘का इही ला कइथें मया’ में जब पहली बार मन के साथ दिखी, हमारी जोड़ी को लोगों ने काफ़ी पसंद किया। फिर ‘मया दे दे मयारू- 2’ में साथ काम करने का संय़ोग बना। आगे ‘तोर मयारू मोर मयारू’ भी हम साथ कर रहे हैं। मन के साथ अच्छी बांडिंग हैं। हम दोनों अच्छे दोस्त हैं।
0 प्रेम चंद्राकर व भूपेन्द्र साहू दोनों बड़ा नाम रहे हैं और ‘मया दे दे मयारू- 2’ को दोनों ने मिलकर निर्देशित किया है। इनके डायरेक्शन में काम करना कैसा अनुभव रहा…
00 प्रेम सर व भूपेन्द्र सर को छत्तीसगढ़ी सिनेमा का काफ़ी लंबा एक्सपीरियेन्स है। इनके निर्देशन में मुझे काम करना ही था। फ़िल्म में इन्होंने कई सीन में ठेठ छत्तीसगढ़ी शब्दों का इस्तेमाल किया। ख़ुद छत्तीसगढ़ी भाषी होने के बाद भी ऐसे शब्दों को बोलना और सुनना मेरे लिए पहला अनुभव था। फ़िल्म के किस पात्र को कौन सा परिधान पहनना चाहिए कौन सा नहीं, इसकी तक उन्हें बारीक समझ है। गीत-संगीत तो दोनों के भीतर रचा बसा है। स्क्रीप्ट पर भी दोनों मिलकर काफ़ी मेहनत करते हैं।
0 शूट के समय का कोई यादगार पल…
00 प्रेम सर का निर्देश होता था कि सुबह छह बजे सब काम पर हाज़िर हो जाएं। कई बार मैं लेट हुई और उनसे प्यार भरी डांट भी खाई। प्रेम सर व भूपेन्द्र सर से जो कुछ सीखा फ्यूचर में काम आएगा।
0 पीछे मुड़कर देखती हैं तो ख़ुद को आज कहां पाती हैं…
00 शुरुआती दौर में काफ़ी स्ट्रगल रहा। धीरे-धीरे उस मुकाम पर पहुंच गई जहां मुझे होना था। आज ख़ुद को टॉप पर देखती हूं। चाहती हूं मुझे ख़ूब अवार्ड मिले।
0 आपके इस जोश को देखकर तो यह पूछना बनता ही है कि आगे की क्या प्लानिंग है…
00 फ़िल्मों के अलावा कुछ एड किए हैं। भोजपुरी फ़िल्मों का ऑफर है पर उस तरफ सोच नहीं रही। यहां ख़ुद को स्टेबलिश करना है फिर आगे मुम्बई की दुनिया को भी समझने की कोशिश करूंगी और वहां रहकर सीरियल करना चाहूंगी।

