0 संवाद के द्वार हमेशा खुले, लेकिन काम में बाधा अनुचित
मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और रामकी कंपनी के ड्राइवरों द्वारा काम बंद किए जाने पर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज अपना रुख स्पष्ट किया। महापौर ने कहा है कि “सफाई कर्मचारी और ड्राइवर शहर की व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में शहर की जनता को गंदगी और अव्यवस्था के बीच नहीं छोड़ा जा सकता।” उल्लेखनीय है कि वेतन वृद्धि मांग को लेकर रामकी कंपनी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं। कचरा गाड़ी नहीं चलने से आम जनता को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ कर्मचारी न केवल स्वयं काम बंद कर रहे हैं, बल्कि उन ड्राइवरों को भी काम करने से रोक रहे हैं जो अपनी ड्यूटी करना चाहते हैं। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन काम करने के इच्छुक कर्मचारियों को रोकना या उन्हें डराना नैतिक और कानूनी रूप से गलत है। काम रोकना किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। शहर की सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रायपुर की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने रामकी कंपनी के प्रबंधन को निर्देशित किया है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि वार्डों से कचरा उठाने का काम प्रभावित न हो। उन्होंने प्रशासन को भी स्थिति पर नजर रखने और काम में बाधा डालने वाले तत्वों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
महापौर ने ने कहा कि मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। मेरे द्वार हर नागरिकों और कर्मचारियों के लिए हमेशा खुले हैं। यदि किसी की कोई समस्या है तो वे चर्चा कर सकते हैं। संवादहीनता और काम का बहिष्कार शहर के हितों के खिलाफ है। मैं ड्राइवरों से अपील करती हूँ कि वे शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और तुरंत काम पर लौटें। महापौर ने अंत में दोहराया कि प्रशासन कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है, लेकिन शहर की सफाई और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वे कड़े निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेंगी।

