महापौर ने उठाया सवाल- जो प्रक्रिया कांग्रेस शासन के कार्यकाल में सही और पारदर्शी थी वह नेता प्रतिपक्ष के लिए आज ग़लत कैसे हो गई…अफसरों ने टैंकर व्यवस्था से जुड़ी लंबी कहानी लाई सामने…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जल विभाग अधिकारियों और जल कार्य विभाग के अनुबंधित ठेकेदारों को बुलाकर ग्रीष्मकालीन जल आपूर्ति को लेकर जानकारी प्राप्त की। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पारदर्शिता के लिये जीपीएस अनिवार्य है। टैंकरों के टेंडर की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। महापौर ने निर्देश दिए कि टेंडर प्रक्रिया में नियम किसने बनाया, अधिकारी लिखित में जवाब दें। महापौर ने सवाल खड़ा किया कि जो प्रकिया कांग्रेस शासन के कार्यकाल में सही और पारदर्शी थी, वह नेता प्रतिपक्ष के लिये आज गलत कैसे हो गई। बैठक में अफसरों ने टैंकर व्यवस्था से जुड़ी लंबी कहानी पेश की।

एक बैठक में जल कार्य से जुड़े अफसरों ने महापौर के समक्ष जानकारी रखी कि रायपुर नगर निगम की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी ग्रीष्मकालीन पेयजल आपूर्ति टैंकरों से करने ठेकेदारों द्वारा एक समान दर निविदा में दी है और उनसे पृथक – पृथक आदेश जारी कर कार्य करवाया गया है। वर्ष 2023-24 में प्रति ट्रिप 388 रूपये, वर्ष 2024-25 में प्रति ट्रिप 449 रूपये, 2025-26 में प्रति ट्रिप 495 रूपये और इस वर्ष 2026-27 में प्रति ट्रिप 567 रूपये की समान दर निविदा में प्राप्त हुई। कार्य विस्तृत और जल मांग अधिक होने के कारण सक्षम स्वीकृति लेकर सभी फर्मों से पृथक – पृथक आदेश जारी कर फर्म से कार्य करवाया गया।

बैठकर में यह बात भी सामने आई कि नगर निगम द्वारा ग्रीष्मकाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए दर निर्धारण हेतु मुख्यालय स्तर से सक्षम स्वीकृति उपरांत जारी ई निविदा में सामान्यतः कुछ नियम एवं शर्ते रखा जाना आवश्यक होता है। जिसमें मुख्य रुप से अनुभवी ठेकेदार, ट्रैक्टर का बीमा/लायसेंस, पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा निधि, आईटीआर 03 वर्ष, जी.एस.टी. रिटर्न, जी.एस.टी. सर्टिफिकेट, पेन कार्ड इत्यादि है। चूंकि टेंडर न्यूनतम दर प्राप्त करने के लिए की जाती है। तदुपरांत आवश्यकतानुसार जोनों के सक्षम अधिकारी द्वारा पृथक से स्वीकृति प्राप्त कर कार्यादेश जारी किया जाता है। ट्रैक्टर टेंकर से ग्रीष्मकालीन संकटग्रस्त क्षेत्रों में जलप्रदाय की मात्रा निश्चित नहीं होती, इसलिए जोनों की आवश्यकता के अनुसार पृथक -पृथक स्वीकृति लेकर कार्य संपादित कराया जाता है।

ग्रीष्मकालीन संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था अंतर्गत किराये का टेंकर का संचालन हेतु समस्त निविदा की कार्यवाही आनलाईन होती है, जिसमें कोई भी ठेकेदार/फर्म निविदा के शर्त पर भाग ले सकता है। प्रथम ई निविदा कमांक 185737 दिनांक 16 फरवरी 2026 जिसकी अंतिम तिथि दिनांक 10 मार्च 2026 थी, किसी भी फर्म द्वारा भाग नहीं लेने के कारण पुनः पूर्व निविदा के शर्तों पर ई निविदा क्रमांक 187249 दिनांक 16 मार्च 2026 जिसकी अंतिम तिथि दिनांक 8 अप्रैल 2026 थी, उक्त निविदा में प्राप्त न्यूनतम दर की सक्षम स्वीकृति की कार्यवाही की गई। ऑन लाईन निविदा दर छह फर्मों का एक समान होने से निविदा समिति के समक्ष चर्चा में लाई गई। रायपुर नगर निगम का क्षेत्रफल लगभग 200 वर्ग किलोमीटर का है, जिसमें 70 वार्ड हैं और यह राज्य का सबसे बड़ा नगर निगम है। वर्तमान में भूजल स्तर में तेजी से गिरावट एवं बढ़ती जल मांग के कारण तत्काल टेंकर संचालन की आवश्यकता थी। चूंकि नगर निगम क्षेत्र वृहद होने एवं जल मांग अधिक होने से एक ठेकेदार से काम कराया जाना मुश्किल है, ऐसी स्थिति में निविदा समिति की अनुशंसा पर सक्षम स्वीकृति हेतु उपरोक्त कारणों से न्यूनतम दर की सक्षम स्वीकृति प्राप्त कर फर्मों से अनुबंध कर जोनों को कार्यादेश जारी किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जोनों द्वारा पृथक से वित्तीय स्वीकृति प्राप्त कर पृथक पृथक फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है।

कार्य हेतु टेंडर न्यूनतम दर प्राप्त करने हेतु संभावित व्यय को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। प्रत्येक जोन के माध्यम से अपने -अपने जोन स्तर पर पृथक से स्वीकृति प्राप्त कर कार्यादेश जारी किया जाता है। टेंडर की राशि मात्र न्यूनतम दर प्रति टेंकर प्रति ट्रीप के लिए होती है एवं भुगतान वास्तविक स्वीकृति प्राप्त कर पृथक -पृथक फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है। नगर निगम की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पूर्व के वर्षों में भी वर्ष 2023-24 में प्रति ट्रीप 388 रुपये, वर्ष 2024-25 में प्रति ट्रीप 449 रुपये, वर्ष 2025-26 में प्रति ट्रीप 495 रुपये एवं वर्ष 2026-27 में प्रति ट्रीप 567 रुपये समान दर प्राप्त हुई है। कार्य विस्तृत एवं जल मांग अधिक होने के कारण सक्षम स्वीकृति उपरांत सभी फर्म से कार्य कराया गया।

बैठक में अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, कार्यपालन अभियंता जल  नरसिंह फरेन्द्र, कार्यपालन अभियंता अंशुल शर्मा (जूनियर), सहायक अभियंता (फिल्टर प्लांट) योगेन्द्र कुमार देवांगन, सहायक अभियंतागण अनुराग पाटकर, सैयद जोहेब, गोविन्द साहेब बंजारे एवं सभी जोन के उपअभियंता उपस्थित थे।

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