दो दिवसीय निर्मल पाण्डेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। दो दिवसीय निर्मल पाण्डेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ आज राजधानी रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में हुआ। उद्घाटन सत्र में विशेष अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों के जाने-माने अभिनेता तथा विधायक अनुज शर्मा व छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन उपस्थित थीं। मंच पर राजेन्द्र गुप्ता, रजित कपूर, जयंत देशमुख, रोहिताश्व गौड़, श्रीमती रेखा गौड़, संजय बत्रा, निर्मल पांडे स्मृति न्यास एवं फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक व डायरेक्टर अनिल दुबे, आसित चटर्जी, आमोद कृष्ण भट्ट एवं संज्ञा टंडन जैसी हस्तियों की खास उपस्थिति रही।

विशेष अतिथि सुश्री मोना सेन ने कहा कि निर्मल पांडे जैसी बड़ी शख्सियत की स्मृति में यह फेस्टिवल होना हम सब के लिए गौरव की बात है। ‘कहि देबे संदेस’ एवं ‘घर व्दार’ से शुरु हुआ छत्तीसगढ़ी सिनेमा का सफर आज खास मुकाम पर पहुंच चुका है। इस तरह के फेस्टिवल आयोजित होने से छत्तीसगढ़ी सिनेमा से जुड़े कलाकारों व टेक्नीशियनों को काफी कुछ सीखने मिलता है। आगे भी इस तरह के आयोजनों को सहयोग करने छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम आगे रहेगा। इस आयोजन को अपनी तरफ से 51 हजार की सहयोग राशि देने की घोषणा करती हूं।

विशेष अतिथि अनुज शर्मा ने कहा कि अप्रत्यक्ष रुप से निर्मल पांडे जी से मेरा जुड़ाव रहा था। आज का यह दिन मेरे लिए खास है जो इस आयोजन का मैं हिस्सा बना। धर्म, राजनीति, सिनेमा एवं क्रिकेट- ये चार ऐसे क्षेत्र हैं जिनका भारत के जनमानस पर गहरा असर है। कोई फिल्म अच्छी कहलाए या खराब दोनों ही बहुत मेहनत से बनती हैं। सिनेमा को लेकर पॉजीटिव सोच जरूरी है। मेरा मानना है कि हर कलाकार को भीतर से काफी बेचैन रहना चाहिए। ये बेचैनी ही आप को कुछ अलग हटकर करने मजबूर करती है।

फिल्म अभिनेता राजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि रायपुर में बहुत से पुराने साथी हैं। जब भी यहां आता हूं घर जैसा माहौल मिलता है। मैं और निर्मल पांडे किसी जमाने में एनएसडी के स्टूडेंट रहे थे। निर्मल ने ‘अंधा युग’ नाटक में खास किरदार निभाया था और वह काफी मशहूर हुआ था। निर्मल जैसे कलाकार अपने काम की वजह से लोगों के दिलों में जिंदा रहते हैं।

फिल्म अभिनेता रजित कपूर ने कहा कि निर्मल और मैंने फिल्म ‘ट्रेन टू पाकिस्तान’ की थी। उस फिल्म के निर्माण में हमने इतनी बाधाओं का सामना किया था जिन्हें शब्दों में बयां कर पाना कठिन है। उस फिल्म में जख्मी हुए, गहरी चोटें लगी। एक ही लक्ष्य था किसी भी हाल में उस प्रोजेक्ट को पूरा करना है, जो कि हमने किया।

‘भाभी जी घर पर हैं’ जैसे चर्चित कॉमेडी टीवी से शो में  मनमोहन तिवारी का  किरदार निभाने वाले रोहिताश्व गौड़ ने कहा कि निर्मल मेरा बैचमेट रहा था। वो शिमला पहाड़ी से था और मैं नैनीताल पहाड़ी से। दोनों का स्वभाव काफी मिलता जुलता था। नाटकों के शुरुआती दौर में हम दोनों में काफी घबराहट रहती थी। दोनों ही अपने आप को मांजे। ‘हैमलेट’ जैसे नाटक में हम दोनों ने साथ काम किया था। निर्मल काफी संवेदनशील इंसान था। वह कहा करता था- रोहिताश्व ये माया नगरी हम जैसे लोगों के लिए नहीं है।

उद्घाटन सत्र का संचालन छत्तीसगढ़ी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता एवं फेस्टिवल के समन्वयक पुष्पेंद्र सिंह ने किया।

शार्ट फिल्मों का प्रदर्शन

फेस्टिवल के उद्घाटन के बाद ‘लोनली’, ‘अनन्या’, ‘छींक’, ‘ब्राउंड स्काई’, ‘काली तुलसी’ आदि शार्ट फ़िल्मों का प्रदर्शन हुआ।

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