मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा के वार्डों के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए बुधवार को दीनदयाल ऑडिटोरियम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने की। इस अवसर पर मूणत ने कहा कि किसी एक वार्ड को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित कर पायलट प्रोजेक्ट की तरह लागू किया जाए।

बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, निगम कमिश्नर विश्वदीप, अपर कमिश्नर उमाशंकर अग्रवाल, एमआईसी सदस्यगण, जोन कमिश्नरगण व अन्य निगम अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में सबसे पहले जोन क्रमांक 8 अंतर्गत आने वाले वार्डों का विस्तृत एक्शन प्लान प्रस्तुत किया गया। इसमें क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था, सड़कें, भूमि उपयोग, तालाबों की स्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, वेस्ट मैनेजमेंट और नालियों की संरचना जैसे मुद्दों को रेखांकित किया गया। प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि वीर सावरकर वार्ड (वार्ड 1) लगभग 9 किलोमीटर में फैला है, जहां वर्तमान में 9 हजार मकान हैं। भविष्य में यह संख्या 13000 तक पहुंच सकती है। क्षेत्र में 33 हजार मीटर नालियों का निर्माण हो चुका है, जबकि 16 हजार मीटर अतिरिक्त नालियों की आवश्यकता है। साथ ही, प्लास्टिक कचरा, लाइटिंग, ऑटो स्टैंड, पब्लिक लाइब्रेरी एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाओं की ज़रूरतों पर भी बातचीत हुई।
विधायक राजेश मूणत ने विकास योजना को और अधिक सटीक एवं कारगर बनाने के लिए सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि वार्ड की वर्तमान स्थिति का विस्तृत सर्वे आवश्यक है, जिसमें सड़कों, नालियों, लाइट पोल्स, स्कूलों, आंगन बाड़ियों, खेल मैदानों और भूमि के उपयोग की पूरी जानकारी हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्लानिंग का आधार केवल डिमांड नहीं, बल्कि फैक्ट और ज़रूरत आधारित होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक वार्ड को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित कर पायलट प्रोजेक्ट की तरह लागू किया जाए।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने विधायक के विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि प्लानिंग की प्रक्रिया गूगल मैप या ऑफिस डेस्क तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि फील्ड पर आधारित वास्तविक आंकड़ों के साथ होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी वार्डों का भौगोलिक व सामाजिक सर्वेक्षण कर, एक्शन प्लान को ज़मीनी हकीकत के अनुसार तैयार करें।
बैठक में तय हुआ कि रायपुर पश्चिम के प्रत्येक वार्ड का व्यवस्थित आंकलन कर एक समग्र विकास योजना तैयार की जाएगी, जिससे नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर और सटीक तरीके से मिल सकें।

