मिसाल न्यूज़
रायपुर। नगर निगम की आज की सामान्य सभा में नेता प्रतिपक्ष विवाद की जमकर गूंज सुनाई दी। जैसा कि सभापति सूर्यकांत राठौर ने सभा से ठीक एक दिन पहले निगम नेता प्रतिपक्ष पद के लिए कांग्रेस पार्षद आकाश तिवारी का नाम अधिमान्य कर दिया, कांग्रेस पार्षद संदीप साहू उसके खिलाफ हो गए। आकाश तिवारी से पहले निगम नेता प्रतिपक्ष रहे संदीप साहू ने सदन में आरोपों की झड़ी लगाते हुए सवाल पर सवाल खड़े किए। सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने सवालों का सिलसिलेवार ज़वाब भी दिया, लेकिन संदीप साहू संतुष्ट नहीं हुए और 4 अन्य महिला कांग्रेस पार्षदों के साथ सामान्य सभा का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले गए। इसके बाद नये नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी समेत कांग्रेस पार्षद व्दय शेख मुशीर तथा श्रीमती अर्जुमन ढेबर ने सदन में विपक्ष की भूमिका निभाई।
संदीप साहू
समान्य सभा शुरु होने पर एक घंटे का प्रश्नकाल चला। प्रश्नकाल समाप्त होते ही जब एजेंडे पर चर्चा की बारी आई संदीप साहू अपनी जगह पर उठ खड़े हुए और उन्हें नेता प्रतिपक्ष पद से हटाए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे पर सदन में क़रीब 35 मिनट जो बहस चली वह कुछ इस तरह थी…
संदीप साहू- नगर निगम सचिवालय ने जिसे नेता प्रतिपक्ष बनाया उसे हटा दिया गया। कल रात में आकाश तिवारी के नाम का लेटर जारी हो जाता है। क्या रात में किसी का फोन आया था? रात 8 बजे नेता प्रतिपक्ष को लेकर लेटर जारी हो जाता है। पूर्व में सभी विपक्षी पार्षदों को बुलाकर आपने उनका अभिमत लिया गया था। जैसे विधानसभा के लिए विपक्षी विधायक दल अपना नेता प्रतिपक्ष चुनता है वैसे ही नगर निगम में विपक्षी पार्षदों व्दारा नेता प्रतिपक्ष चुनने की व्यवस्था है। एक को हटाकर दूसरे को बना देना कौन से अधिनियम में लिखा है? इसके पीछे आपकी क्या मंशा थी? आज मैं नेता प्रतिपक्ष के हिसाब से सदन में तैयारी करके आया था। आगे भी आइना दिखाने का काम करते रहूंगा।
सभापति- जिस विषय को संदीप साहू ने यहां रखा, स्पष्ट कर दूं कि किसी राजनीतिक दबाव में आकर मैं कोई काम नहीं करता। जो निर्णय लेता हूं अपने दम पर लेता हूं। कोई बात समझ में नहीं आती तो विशेषज्ञों से राय लेता हूं। पूर्व में कांग्रेस कमेटी की तरफ से जब पत्र आया था संदीप साहू नेता प्रतिपक्ष होंगे उसे सहर्ष स्वीकार किया गया था। फिर कुछ समय बीतता है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नगर निगमों के नेता प्रतिपक्ष की जो लिस्ट जारी होती है उसमें आकाश तिवारी का नाम सामने आ जाता है। तब मैंने स्पष्ट किया था कि रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष का मामला है, अतः नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी नहीं रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की तरफ से भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए। तब विगत 30 अप्रैल को शहर कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से पत्र आया कि आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया जाए। 1 सितंबर को पुनः शहर कांग्रेस कमेटी नगर निगम में लिखित में आकाश तिवारी का नाम भेजती है। इसके बाद मैंने उन पांचों विपक्षी पार्षदों को बुलाया जिन्होंने आकाश तिवारी का नाम सामने आने पर इस्तीफा दे दिया था। मैंने पांचों से पूछा कि अभी आपके इस्तीफे की क्या स्थिति है। फिर मैंने विशेषज्ञों से राय ली। रायपुर नगर निगम के इतिहास में यह पहली घटना है कि आठ महीने के भीतर एक का नाम हटता है और दूसरे का आ जाता है। नेता प्रतिपक्ष को लेकर मेरे दिमाग में तस्वीर पहले ही साफ हो चुकी थी। दीपावली का त्यौहार सामने था। मैं नहीं चाहता था कि किसी के नाम की घोषणा हो और अन्य को पीड़ा पहुंचे। दीपावली के त्यौहार के बाद लगातार छुट्टियां रहीं। यही कारण है कल कार्यालयीन समय में आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देते हुए लेटर जारी हुआ। मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं था।
संदीप साहू- मैं नेता प्रतिपक्ष के रूप में इस सदन में पूरी तैयारी से आया था। निगम दिवाली से नहीं एक्ट से चलता है। इस सदन में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से ही मेरा प्रश्न भी लगा था।
सभापति- नेता प्रतिपक्ष किसे मानना है यह कांग्रेस पार्षदों पर निर्भर करता है। फिर मैंने नेता प्रतिपक्ष वाला पत्र रात 8 बजे जारी नहीं किया, जैसा कि आप कह रहे हैं। कार्यालयीन समय में जारी किया।
मनोज वर्मा (एमआईसी सदस्य)- संदीप खुद बता दें कि आकाश को नेता प्रतिपक्ष सभापति ने बनाया है या उनकी पार्टी ने।
संदीप साहू- विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
महापौर मीनल चौबे- नेता प्रतिपक्ष सभापति तय नहीं करते। जो कुछ पूछना है अपने कांग्रेस संगठन से जाकर पूछिये। आपको धन्यवाद देना चाहिए कि इतनी कश्मकश के बाद भी लंबे समय तक आप नेता प्रतिपक्ष बने रहे।
संदीप साहू- ऐसा कर कोई अहसान नहीं कर रहे।
लंबी बहस के बाद संदीप साहू ने आज की सामान्य सभा की दिन भर की कार्यवाही के बहिष्कार की घोषणा कर दी और 4 अन्य कांग्रेस पार्षदों रोनिता प्रकाश जगत, रेणु जयंत साहू, दीपमनी राम साहू एवं जयश्री नायक के साथ सदन से बाहर चले गये।

