रायपुर। निर्माण विभागों में लंबित मांगों और अनेक समस्याओं को लेकर संघर्षरत छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन को बड़ी राहत मिलने जा रही है। समस्याएं सुलझने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस निर्णय लिया है। एसोसिएशन की मांग पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है जो मुख्य रूप से निर्माण विभागों में जीएसटी और खनिज रॉयल्टी की विसंगतियों को दूर करने एक समान प्रक्रिया लागू करने की रिपोर्ट 3 नवंबर तक राज्य शासन को सौंपेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आदेश पर वित्त विभाग ने आदेश जारी किया है। अभी निर्माण विभागों में जीएसटी और खनिज रॉयल्टी मामले में अलग अलग नियम प्रक्रिया है, जिससे ठेकेदार परेशान हैं।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बयान जारी कर बताया कि पीडब्ल्यूडी में बिलों के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ बिल भुगतान और खनिज रॉयल्टी में भारी विसंगति सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर पूर्व में छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन व्दारा मांग पत्र और ज्ञापन सौंपा गया था। एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को उपमुख्यमंत्री पीडब्ल्यूडी अरुण साव ने समाधान का भरोसा दिलाया था। बीरेश शुक्ला ने एसोसिएशन ने शासन को राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में ठेकेदारों की अहम भूमिका से अवगत कराते हुए समस्याओं के निराकरण से तेजी लाने की बात कही है। साथ ही कमेटी के अफसरों से बिना गुमराह हुए तय समय पर रिपोर्ट राज्य सरकार को देने की उम्मीद जताई है। कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पीडब्ल्यूडी, पीएचई विभाग के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया करते हुए हर्ष जताया है।

