मिसाल न्यूज़
रायपुर। सेना दिवस के पावन अवसर पर 15 जनवरी को रायपुर लोकसभा क्षेत्र में वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सामूहिक वंदे मातरम् गायन का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम सुभाष स्टेडियम में होगा, जहाँ लगभग 20 हजार युवा एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्रभक्ति का अनुपम दृश्य रचेंगे। इस अवसर पर डाक परिमंडल द्वारा वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष पिक्चर पोस्टकार्ड का विमोचन भी किया जाएगा। इस संबंध में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 13 जनवरी की रात नगर निगम व जिला पंचायत पदाधिकारियों, जोन अध्यक्षों एवं पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने निवास के मिटिंग हॉल में पत्रकार वार्ता में बताया कि यह देश का सबसे बड़ा आयोजन होगा। जिसके अंतर्गत रायपुर एवं बलौदाबाजार–भाटापारा जिले के लगभग 3000 स्कूल, कॉलेज एवं समस्त शिक्षण संस्थानों में एक साथ वंदे मातरम् का गान किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में करीब 5 लाख विद्यार्थी, उनके साथ विधायक, पार्षद, जिला पंचायत सदस्य, पंच एवं सरपंच, समेत सम्मानित जनता सहभागिता करेगी। उन्होंने बताया कि, आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन में भारत माता के प्रति आदर, सम्मान और गहरी देशभक्ति की भावना को जागृत करना है। मातृभूमि के प्रति समर्पण और कर्तव्यबोध का संस्कार उनमें विकसित हो—इसी संकल्प के साथ यह आयोजन किया जा रहा है। साथ ही, देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा गाए गए “वंदे मातरम्” के ऐतिहासिक एवं भावनात्मक महत्व से आने वाली पीढ़ी को परिचित कराना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है, ताकि वे अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकें। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पुरस्कृत किया जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि रायपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निकटतम स्कूल एवं कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों में सहभागी बनेंगे। आयोजन की व्यापक तैयारी हेतु एनएसएस, एनसीसी, स्कूल शिक्षा विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, तकनीकी विश्वविद्यालय एवं कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपने-अपने संस्थानों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।

