शिक्षकों की कमी एवं अव्यवस्था, स्वामी आत्मानन्द स्कूलों पर से विश्वास कम हुआ- आकाश तिवारी

रायपुर। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश  तिवारी ने कहा कि राजधानी रायपुर में शिक्षकों की कमी एवं अव्यवस्था के कारण आम जनता का स्वामी आत्मानन्द योजना अंतर्गत संचालित स्कूलों पर से विश्वास कम हुआ है।

आकाश तिवारी ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि पहले स्वामी आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश हेतु 1000 से 1500 आवेदन आते थे, वो घटकर आज 100 से 400 हो गए हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी लाने वाली योजना स्वामी आत्मानन्द योजना थी। इस योजना में बच्चों के शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही उनका अंग्रेजी का स्तर बढ़ाना था। उद्देश्य यह था कि आम जनता के बच्चे उच्च शिक्षा लेकर यहां से निकलकर आगे बढ़ें। अंग्रेजी अच्छी हो। जिन आत्मानंद स्कूलों में पालकों व्दारा बच्चों के एडमिशन के लिए हजारों की संख्या में आवेदन किया जाता था, उनकी आज स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसका जीता जगता उदाहरण है स्वामी आत्मानन्द योजना के स्कूलों की अव्यवस्था एवं शिक्षकों की कमी है। पहले इन स्कूलों का अध्यक्ष कलेक्टर को बनाया गया था, तब व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं थी। जब से ये स्कूलें शिक्षा विभाग के अंतर्गत हुईं बदहाल हो गईं। स्वामी आत्मानन्द योजना के अंतर्गत रायपुर के राजातालाब स्थित बीपी पुजारी स्कूल में केजी जहां में जहां हजारों आवेदन आते थे, अब 160 के आसपास आए हैं। क्लास 1 में 500 से 700 आवेदन आते थे वही आज केवल 90 आवेदन आए हैं। वहीं आर डी तिवारी स्कूल में 800 से 1000 आवेदन एलकेजी के आते थे आज केवल 390 ओर क्लास 1 में आज केवल 213 आवेदन आए हैं।

तिवारी ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी की ट्रिपल इंजन सरकार बनी है इन स्कूलों से बच्चों और उनके पालकों का भरोसा उठ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *