रायपुर। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने आरोप लगाया किआज नगर निगम की 6 गाड़ियां करीब 100 गायों को फुंडहर से भरकर दूसरी जगह शिफ्ट करने 9 घंटे तक घुमती रहीं। लगातार बारिश की मार झेल रहीं इन गौ माताओं को कहीं पनाह नहीं मिली। सुबह फुंडहर से निकलीं गौ माताएं शाम को वापस फुंडहर पहुंच गईं। सुबह से शाम तक बारिश में तड़पती रहीं। इससे साबित हो गया कि ट्रिपल इंजन की सरकार का सुशासन कैसा काम कर रहा है।
आकाश तिवारी ने एक प्रेस नोट में बताया कि आज सुबह 8 बजे से नगर निगम द्वारा फुंडहर गौठान से 6 गाड़ियों में 80 से 100 गौ माताओं को शिफ्ट करने की तैयारी की गई। पहले इन्हें धनेली स्थित सद्गुरु मानव सेवा असंग आश्रम ले जाया गया। लेकिन वहां के संचालक ने पहले ही कलेक्टर को पत्र लिखकर गौशाला बंद करने की बात कहते हुए असहमति जता दी थी। जानकारी के अभाव में भी निगम ने गौ माताओं को वहीं भेज दिया था। बरसते पानी में जब वहां जगह नहीं मिली तो गाड़ियों को हीरापुर जरवाए और अटारी स्थित गौठान भेजा गया। वहां भी संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए और गौ माताओं को रखने से मना कर दिया। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक 9 घंटे तक ये बेजुबान गौ माता लगातार बारिश में गाड़ियों में खड़ी तड़पती रहीं। अंत में ड्राइवरों ने हार कर सभी गाड़ियां वापस फुंडहर गौठान पहुंचाईं।
आकाश तिवारी ने कहा कि जैसे ही गाय माता की वापसी की जानकारी मिली वैसे ही मैंने फुंडहर गौठान पहुंचकर देखा कि भूखी-प्यासी गौ माता अपनी दुर्दशा जोरों से आवाज़ लगाकर कर बयां कर रही थीं। सवाल यह है कि क्या हमारी संवेदनाएं खत्म हो गईं? सुबह से शाम तक गायों को रखने की जगह क्या रायपुर नगर निगम के पास नहीं है। सनातन की बात करने वाली सरकार और गौ रक्षा के बड़े-बड़े ढोल पीटने वाले आज मूक दर्शक क्यों बने बैठे हैं। भारी बरसात में गौ माता तड़प रही हैं।
तिवारी ने कहा कि रायपुर की जनता ने भाजपा को महापौर, 4 विधायक, सांसद और 60 ले अधिक पार्षद दिए हैं। केंद्र से लेकर राज्य और नगर निगम तक भाजपा की सरकार है। क्या यही विष्णु जी का सुशासन है? क्या इस दिन को देखने के लिए भाजपा की सरकार को राजधानी वासियों ने चुना था? कागजों पर गोधन की बात करने वाली सरकार की जमीनी हकीकत आज सबके सामने है। तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर गौ माताओं के लिए उचित आशियाना, चारा, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था 7 दिन में नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। नगर निगम को गौ माता को उनका हक देना ही होगा।

