रायपुर। कांग्रेस नेत्री श्रीमती दीप्ति दुबे ने कहा कि राजधानी रायपुर के मध्य स्थित ऑक्सीजोन बदहाल हो चुका है। ऑक्सीजोन के अंदर की 50 प्रतिशत से अधिक लाइटें पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
श्रीमती दुबे ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि कभी सुकून और शांति से वॉकिंग करने के लिए पहचाना जाने वाला ऑक्सीजोन अब अव्यवस्था, गंदगी और असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। पार्किंग स्थल पर अव्यवस्थित तरीके से वाहनों का जमावड़ा रहता है। लोग खाने-पीने की सामग्री गार्डन के अंदर ले जाकर जगह-जगह गंदगी कर रहे हैं, जिससे उद्यान का वातावरण लगातार दूषित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेले वालों ने भी ऑक्सीजोन के आसपास और भीतर की जगहों पर कब्जा कर कुर्सी-टेबल लगाकर अनौपचारिक वेडिंग जोन बना लिया है। इससे आम लोगों, विशेषकर मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रीमती दुबे ने कहा कि ऑक्सीजोन के निर्माण के बाद तत्कालीन महापौर प्रमोद दुबे के कार्यकाल में वहां नियमों एवं प्रतिबंधों से संबंधित बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन असामाजिक तत्वों द्वारा इन बोर्डों को तोड़ दिया गया। इसके बाद आज तक नए सूचना एवं नियम बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ऑक्सीजोन कभी दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, लेकिन वर्तमान में उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में इसकी स्थिति खराब होती जा रही है।
श्रीमती दुबे ने मांग की कि ऑक्सीजोन में गार्ड की पर्याप्त व्यवस्था, लाइटिंग, साफ-सफाई और नियमित मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसी सक्षम कंपनी या एजेंसी को दी जाए। साथ ही CSR के माध्यम से उद्यान के रखरखाव एवं आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में पहल की जाए, ताकि ऑक्सीजोन को पुनः स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। उन्होंने निगम प्रशासन से मांगों पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।

