महापौर ने ली निगम राजस्व विभाग की बैठक… कहा- “जिनके घर नल नहीं उन्हें जल कर डिमांड भेज परेशान न करें, राजस्व जरूर बढ़ाएं, लेकिन गलत तरीके से नहीं”

मिसाल न्यूज़

रायपुर। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज नगर निगम मुख्यालय में राजस्व विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर कर निर्धारण, बकाया राजस्व, पार्ट-पेमेंट, भवन पूर्णता प्रमाण पत्र, विभिन्न कॉलोनियों में कर वसूली तथा निगम की लीज संपत्तियों से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में एमआईसी सदस्य (राजस्व) अवतार सिंह बागल उपस्थित थे ।  महापौर ने स्पष्ट किया कि जल कर एवं यूजर चार्ज पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं लगाया जाएगा। साथ ही बकाया राशि के पार्ट-पेमेंट की व्यवस्था को सरल एवं पारदर्शी बनाने तथा ऑन लाइन भुगतान पोर्टल पर नियमानुसार पार्ट-पेमेंट की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि निगम का राजस्व जरूर बढ़ाएं, लेकिन गलत तरीके से नहीं।

महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित प्रत्येक कार्य नियमों के अनुरूप, पारदर्शिता के साथ और आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाए। समीक्षा के दौरान जानकारी सामने आई कि कुछ ऐसे भवनों से भी जलकर लिया जा रहा है, जहां नल कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। इस पर महापौर ने सख्त निर्देश दिए कि जहां नल कनेक्शन नहीं है, वहां जलकर की वसूली नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि निगम का राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं। महापौर ने नगर निगम की लीज पर दी गई उन संपत्तियों की भी समीक्षा की, जिनकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में पहले नियमानुसार लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाए, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

कॉलोनियों के हैंडओवर व कर

वसूली की हो फाइलवार जांच

महापौर ने ऐसी कॉलोनियों की फाइलवार जांच के निर्देश दिए, जो नगर निगम को विधिवत हैंडओवर हुई हैं अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि हैंडओवर की स्थिति निगम द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा कर निर्धारण एवं वसूली के आधार को स्पष्ट किया जाए। साथ ही डायवर्सन की तिथि से कर निर्धारण की प्रक्रिया को नियमानुसार लागू करने के निर्देश दिए गए।

महापौर ने कहा कि “नगर निगम का कार्य केवल कर वसूलना नहीं है। जनता को बेहतर सड़क, पानी, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर एवं शुल्क के नियम और स्लैब की जानकारी नागरिकों को सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए। लंबित राजस्व प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। महापौर ने स्पष्ट कहा कि नियम सभी के लिए समान हैं और प्रत्येक प्रकरण में दस्तावेज, नियम एवं मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही निर्णय लिया जाए। पारदर्शी राजस्व व्यवस्था और बेहतर जनसुविधाएं नगर निगम की प्राथमिकता हैं।

बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्रीमती अंजलि शर्मा सहित राजस्व विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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