भारी तनाव के बीच निपटी एमआईसी बैठक… 3 घंटे बाद शुरु हो सकी एजेंडे पर चर्चा… कई बड़े निर्णय…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। नगर निगम की आज हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक के शुरुआती 3 घंटे बेहद तनाव भरे रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं महापौर श्रीमती मीनल चौबे समेत मेयर इन कौंसिल के कुछ अन्य सदस्यों ने गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगम के राजस्व एवं बाजार विभाग के बड़े कामों में ट्रासपेरेंसी (पारदर्शिता) की बेहद कमी देखने को मिल रही है। राजस्व एवं बाजार विभाग से जुड़े कुछ मुद्दे इस कदर गहराए रहे कि एजेन्डे पर चर्चा क़रीब 3 घंटे बाद जाकर शुरु हो सकी। बैठक में सभी एमआईसी सदस्य समेत निगम कमिश्नर संबित मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

मेयर इन कौंसिल की बैठक शुरु होते ही सवाल उठा कि यूजर चार्ज पर और अतिरिक्त ब्याज वसूलने जैसा कदम किस आधार पर उठा लिया गया? भाठागांव में 299 सब्जी बेचने वालों को नये चबूतरों में शिफ्ट करते समय ऐसा क्या हुआ कि वहां स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई? वहां बड़े कदम उठाते समय निगम के जनप्रतनिधियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया? भाठागांव में सब्जी व्यापारियों के साथ हुए कृत्य के विषय को लेकर महापौर जमकर बरसीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारियों एवं आम नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। किसी भी कार्रवाई से पहले नियमानुसार प्रक्रिया और जनहित का ध्यान रखा जाए। महापौर ने कहा कि नगर निगम का दायित्व केवल व्यवस्थाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि शहर के नागरिकों और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना भी है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

महापौर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर कला केन्द्र के बैनर पर आयोजित किसी कार्यक्रम में प्रतिभागियों से 100 रुपये प्रवेश शुल्क लेने का निर्णय किससे पूछकर लिया गया। महापौर ने राजस्व एवं बाजार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालों की जो झड़ी लगाई उस बीच एमआईसी सदस्यगण अवतार बागल (राजस्व) समेत दीपक जायसवाल, श्रीमती सरिता दुबे, महेन्द्र खोड़ियार एवं भोलाराम साहू ने भी जमकर अपना आक्रोश दर्ज कराया।

“बैठक में कलेक्ट्रेट चौक का नामकरण डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने सहमति बनी। वहीं अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार पांडेय को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति प्रदान करने सहमति प्रदान की गई। पांडे वर्तमान में नगर निगम जोन क्रमांक 2 के कमिश्नर हैं।”

स्ट्रीट वेंडिंग इको सिस्टम

भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा जारी स्वनिधि स्ट्रीट फूड हब मार्गदर्शिका के तहत विसर्जन कुण्ड महादेवघाट में स्ट्रीट फूड हब निर्माण पर सहमति बनी।

एकमुश्त संपत्ति कर

निपटान योजना 

वर्तमान में रायपुर नगर निगम अंतर्गत कुल 3.50 लाख पंजीकृत संपत्तियां हैं, जिनमें से केवल 2.50 लाख संपत्तियां ही नियमित रूप से कर का भुगतान कर रही हैं। लगभग 1 लाख संपत्तियां मुख्यतः झुग्गी बस्ती, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत निर्मित मकान, खाली भूमि एवं अन्य, पर वर्षों का भारी अधिभार (Surcharge/Interest) लंबित है। इन श्रेणियों के करदाता मूल टैक्स (Principal Amount) देने को तैयार हैं, परंतु बढ़ा हुआ अधिभार उनके वित्तीय सामर्थ्य से बाहर हो चुका है। “वर्तमान में निगम के अभिलेखों में बड़ी मात्रा में बकाया कर राशि मांग (Demand) के रूप में दर्ज है, किंतु विभिन्न कारणों से उसका प्रभावी संग्रहण नहीं हो पा रहा है। फलस्वरूप यह राशि निष्क्रिय वित्तीय परिसंपत्ति (Dead Capital) के रूप में अवरुद्ध बनी हुई है। उक्त अवरुद्ध राजस्व को सक्रिय वित्तीय संसाधन में परिवर्तित करने कदम उठाने पर निर्णय हुआ।

मिसिंग एवं अवैध

नल कनेक्शनधारी

अवैध आवासीय नल कनेक्शन को वैध करने हेतु ‘नियमितीकरण शुल्क’ रुपए राशी 5000/- एवं वैध कनेक्शन शुल्क 15882/- कुल 20,882/- जमा कराने के पश्चात् 1/2″ घरेलू कनेक्शन को पूर्णतः वैध व मुख्यधारा में सम्मिलित किया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता योजना लागू होने की तिथि से 90 दिवस की अवधि के भीतर अपने अवैध नल कनेक्शन का नियमितीकरण नहीं कराता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार नल कनेक्शन विच्छेदन की कार्यवाही की जाएगी। वैकल्पिक रूप से नियमितीकरण हेतु निर्धारित शुल्क की तीन गुना राशि अधिरोपित करते हुए कनेक्शन का नियमितीकरण किया जा सकेगा।.

मोवा गारमेंट फैक्ट्री के PPP मोड

पर संचालन हेतु RFP की स्वीकृति

मोवा (विधानसभा रोड) स्थित गारमेंट फैक्ट्री एवं संबद्ध अधोसंरचना को पुनर्जीवित कर आधुनिक मशीनरी स्थापित करने तथा उसके संचालन एवं प्रबंधन हेतु Public & Private Partnership (PPP) Mode पर निजी क्षेत्र की भागीदारी प्रस्तावित की गई है। परियोजना का उद्देश्य बंद पड़ी इकाई को पुनः संचालित कर उत्पादन एवं रोजगार के अवसरों का सृजित करने का निर्णय लिया गया। इसके पीछे उद्देश्य महिला रोजगार को बढ़ावा देना है तथा निगम के लिए दीर्घकालीन राजस्व सुनिश्चित करना है।

एम्स के समीप मरीजों के परिजनों हेतु

पेशेंट अटेंडेंट विश्राम गृह निर्माण

एम्स रायपुर एवं आसपास के चिकित्सालयों में उपचार हेतु आने वाले मरीजों के परिजनों को ठहरने के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, सम्मानजनक एवं किफायती आवास सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेशेंट अटेंडेंट विश्राम गृह स्थापित किया जाएगा। उक्त परियोजना हेतु नगर निगम द्वारा एम्स के समीप उपलब्ध निगम स्वामित्व की भूमि चिन्हांकित कर, पात्र एवं अनुभवी गैर-लाभकारी संस्था/सेक्शन-8 कंपनी / पंजीकृत चेरिटेबल ट्रस्ट/सोसायटी का चयन EOI की पारदर्शी प्रकिया के माध्यम से किया जाएगा। चयनित संस्था द्वारा परियोजना का डिजाइन, वितपोषण, निर्माण, संचालन एवं संधारण स्वयं के संसाधनों से किया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाना होगा। नगर निगम पर निर्माण अथवा संचालन का कोई वित्तीय भार नहीं होगा। परियोजना का संचालन गैर-लाभकारी लागत वसूली मॉडल पर किया जाएगा, जिससे मरीजों के परिजनों को न्यूनतम एवं किफायती दरों पर आवास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उपयोगकर्ता शुल्क का उपयोग केवल संचालन, रखरखाव, स्वच्छता, सुरक्षा बिजली पानी एवं आवश्यक मरम्मत आदि पर किया जाएगा। भूमि का स्वामित्व पूर्णतः नगर निगम के पास रहेगा।

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