मिसाल न्यूज़
रायपुर। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज नगर निगम के जल बोर्ड एवं जल कार्य विभाग की बैठक ली। इस दौरान महापौर ने अफसरों पर जमकर नाराज़गी जताते हुए कहा कि प्रस्तावित नये डूंडा फिल्टर प्लांट का प्रकरण बिना मेयर इन कौंसिल की बैठक में लाए उसका टेंडर कैसे हो गया। बैठक में जल कार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू समेत जोन अध्यक्षगण एवं अन्य पार्षदगण मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर की पिछले कुछ वर्षों में जिस विस्फोटक तरीके से आबादी बढ़ती चली जा रही है भाठागांव स्थित पुराना फिल्टर प्लांट से सभी हिस्सों में शुद्ध जल की आपूर्ति हो पाना संभव नहीं है। यही वज़ह है कि नगर निगम व्दारा डूंडा क्षेत्र में नये फिल्टर प्लांट का निर्माण करवाया जा रहा है। हाल ही में 183 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नये डूंडा फिल्टर प्लांट की के टेंडर हो जाने के की खबर जब महापौर समेत मेयर इन कौंसिल के सदस्यों तथा अन्य पार्षदों को लगी तो चर्चाओं का दौर शुरु हो गया। एमआईसी सदस्यों एवं पार्षदों की नाराजगी सामने आने के बाद महापौर ने आज निगम मुख्यालय में निगम जनप्रतिनिधियों व अफसरों की बैठक ली और जमकर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि बिना एमआई में प्रकरण लाए नये फिल्टर प्लांट का टेंडर कैसे हो गया? अफसरों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भविष्य में होने वाली एमआईसी की बैठक में दर स्वीकृति के लिए इस प्रकरण को लाया जाएगा इसके बाद ही इसे शासन के पास भेजा जाएगा।
बैठक में जोन अध्यक्षगण गज्जू साहू, गोपेश साहू, बद्री गुप्ता, श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा, जोन अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रमोद साहू, पार्षद अजय साहू एवं विनय निर्मलकर, अपर कमिश्नर लोकेश्वर साहू समेत जल कार्य एवं जल बोर्ड से संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

