मिसाल न्यूज़
रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मंगलवार को हुई छत्तीसगढ़ सरकार की हुई कैबिनेट की बैठक ऐतिहासिक रही। इस बैठक में एक साथ 19 बड़े फैसले किये गए। सबसे बड़ा निर्णय किसानों के हित में रहा। शासकीय कर्मचारियों का कैशलेस इलाज तथा बिजली बिल में राहत भी बड़े निर्णय रहे।
एकात्म परिसर में आज प्रेस वार्ता में रामविचार नेताम ने कृषक उन्नति योजना और धान खरीदी से संबंधित निर्णयों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से आदान सहायता देने का निर्णय हुआ है, भले उनकी उपज कितनी भी कम हुई हो। इसके साथ ही पंजीयन आदि की व्यवस्था को अत्यधिक सरल बना दिया गया है। पिछले वर्ष पंजीयन कराने वाले किसानों को नए सिरे से पंजीयन कराने से भी छूट दी गई है। प्रदेश भाजपा की सरकार के किसान हितैषी निर्णयों ने ख़ुशहाली का एक नया अध्याय रचा है। नेताम ने कहा कि मंत्रि परिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से 15 नवम्बर से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जाएगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडीयुक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है। अब इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। नेताम ने कहा कि एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक आधारित धान की खरीदी की जाएगी।
नेताम ने कहा कि किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान करने हेतु 360 नए उपार्जन केन्द्र प्रारम्भ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जाएगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रि परिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रि मण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। इसी प्रकार मंत्रि परिषद ने खरीफ-2026 में “कृषक उन्नति योजना” के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर एवं प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने मौजूद थे।

