नया रायपुर में आंदोलनरत किसानों की 6 मांगों पर सरकार सहमत, उधर आंदोलनकारी तैयार नहींं

मिसाल न्यूज़

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नई राजधानी परियोजना नवा रायपुर के आंदोलनरत किसानों की 8 मांगों में से 6 मांगों पर सहमत हो गई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि शेष दो मांगों पर कानूनी राय के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। कृषि मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता रविन्द्र चौबे ने किसान कल्याण समिति के पदाधिकारियों से आंदोलन समाप्त किए जाने की अपील की है। दूसरी तरफ आंदोलनकारी किसानों के नेता रूपम चंद्राकर ने कहा कि मुख्य मांगों पर तो अभी भी निर्णय नहीं हुआ है। जब तक उन पर निर्णय नहीं हो जाता आंदोलन जारी रहेगा।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज दोपहर अपने निवास कार्यालय में वन मंत्री मोहम्मद अकबर के साथ मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नई राजधानी परियोजना के प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर संवेदनशील हैं। उन्होंने इसके लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन करने के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित किसानों की जिन 6 मांगों पर सहमति बनी है, उसके संबंध में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही आदेश जारी किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि किसान प्रतिनिधियों से हुई सार्थक चर्चा के बाद नई राजधानी परियोजना क्षेत्र में जहां ग्रामीण बसाहट है, वहां आवासीय पट्टा दिए जाने, आडिट कंडिकाओं के निदान, प्राधिकरण की निविदा सेवाओं में 60 प्रतिशत कर्मचारी प्रभावित गांवों के लिए जाने की सहमति बनी है। इसी तरह विस्थापितों एवं भूमिहीनों को पूर्व बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पट्टा दिए जाने, नई राजधानी परियोजना क्षेत्र अंतर्गत रोजगार एवं व्यवसाय के लिए निर्मित परिसंम्पत्ति जिसमें 7 दुकान, 4 हॉल, 12 गुमटी और 71 चबूतरा शामिल है, का आबंटन प्रभावित क्षेत्र के लोगों को लागत मूल्य पर लॉटरी के माध्यम से करने और 27 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री के लिए अनापत्ति लेने से मुक्त किए जाने की सहमति बनी है।

दूसरी तरफ आंदोलनरत किसानों के नेता रूपम चंद्राकर ने ‘मिसाल न्यूज़’ से कहा कि 2005 में जो प्रतिबंध लगा उसे पूरी तरह हटाया जाए। जिन किसानों की जमीन आपसी सहमति से ली गई है या अधिग्रहित की गई है उन्हें पुनर्वास पैकेज दें, जैसा कि राज्यपाल का आदेश है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में है उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जाए। चंद्राकर ने कहा कि जब तक प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं नया रायपुर में किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

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