राज्यपाल ने पार्षदों से कहाः “समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें, आप में अहंकार न हो”- नगर निगम का बजट पेश होने से पहले प्रेरक संबोधन

मिसाल न्यूज़

रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज नगर निगम में बजट पेश होने से पहले वहां के पार्षदों के बीच प्रेरक विचारों को सामने रखते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। संभवतः यह ऐसा पहला मौका है कि जब कोई राज्यपाल नगर निगम की सामान्य सभा वाले दिन पार्षदों के बीच पहुंचा हो। पार्षदों को संबोधित करते हुए राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आह्वान किया कि जनआकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करें और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें। आप सभी पार्षद जनता की आवाज हैं तथा आमजनों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना आपकी जिम्मेदारी भी है। आपके आचार-विचार और संस्कार में अहंकार न हो।

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने अपने संबोधन में पार्षदों से कहा कि सतत् रूप से अपने क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों से अपने कामों का फीडबैक लें, ताकि लोग क्या चाहते हैं, इसकी आपको जानकारी रहे। नगरीय निकाय और ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की प्राथमिक शाला है। यहां निर्वाचित होकर पहुंचे जनप्रतिनिधियों का लोकतंत्र व संसदीय कार्यप्रणाली से पहली बार परिचय होता है। इस सदन में मेरा पहला अनुभव है। लोकसभा, राज्यसभा व विधानसभा की तरह यहां भी पक्ष-विपक्ष के सवाल-जवाब होते हैं। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण के लिए समय निर्धारित है। निश्चित ही रायपुर को स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट सिटी बनाने में सदन की भूमिका महत्वपूर्ण रही होगी। उन्होंने कहा कि मैं नगरीय निकायों अथवा ग्राम पंचायतों के निर्वाचित पदों पर नहीं रही, किन्तु महाविद्यालय की राजनीति से मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। आप सब भी इस सदन से निरंतर सीखते होंगे जो आपके भावी राजनीतिक जीवन में मददगार होगा। नगरीय निकाय के सदन से निकलकर लोग अनेक महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। झारखण्ड के राज्यपाल श्री रमेश बैस कभी इस सदन के सदस्य रहे। अनेक विधायक, सांसदों ने भी अपने सफर की शुरूआत इसी सदन से की है। इस नगर निगम से पार्षद के रूप में अपने सफर की शुरुआत करने वाला वर्तमान में कोई सांसद है तो कोई विधायक। यह भी गर्व का विषय है कि नगर निगम के इस भव्य भवन का लोकार्पण करने तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल यहां आई थीं। नगर निगम भवन की दहलीज पर कदम रखते ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विशालकाय प्रतिमा के दर्शन होते हैं। इस भवन को न सिर्फ गांधी सदन का नाम दिया गया अपितु रोजाना कार्य दिवस शुरू होते ही यहां “रघुपति राघव राजाराम” की धुन बजती है जो पूरे प्रदेश में अपने आप में एक मिसाल है। रायपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले बूढ़ापारा एवं यहां पर स्थित विवेकानंद सरोवर जिसे बूढ़ा तालाब भी कहते हैं का अपना अनूठा इतिहास रहा है। इस बूढ़ातालाब के मध्य में पद्मश्री नेल्सन ने स्वामी विवेकानंद जी की विशालकाय प्रतिमा का निर्माण किया। यह बड़े ही गौरव की बात है कि इस प्रतिमा का लोकार्पण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के करकमलों से हुआ था। प्राचीन तेलीबांधा तालाब जो सौंदर्यीकरण के बाद एक लघु पर्यटन स्थल का रूप ले चुका है यहां पर 82 मीटर ऊंचाई पर विशाल राष्ट्रीय ध्वज फहराकर भी नगर निगम ने एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। सफाई के लिए इस नगर निगम को देश में छठवां स्थान प्राप्त हुआ और इस कार्य के लिए राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद जी के हाथों पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। इससे इस नगर निगम को एक अलग ही पहचान मिली है। भीषण कोरोनाकाल में इस नगर निगम के जन प्रतिनिधि व कर्मचारी अपने उत्तरदायित्वों से पीछे नहीं हटे और उस बेहद कठिन हालातों में भी आम जनता के बीच चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते रहे। कोरोना के कारण जिनकी जानें गईं उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था में भी यह नगर निगम अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटा। आप जितना अच्छा काम करेंगे तो लोगों का स्नेह व सम्मान उतना ही अधिक मिलेगा और आप अपने भावी राजनीतिक जीवन में नई ऊंचाईयों पर पहुंचेंगे।

राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि मैं विभिन्न पदों पर रहते हुए देश के अनेक राज्यों का भ्रमण किया, किन्तु छत्तीसगढ़ में मेरे कार्यकाल के ढाई साल कैसे बीते, यह पता ही नहीं चला। मैं प्रदेश भर में जहां भी गई लोगों ने बड़ी ही आत्मीयता के साथ मुझे स्वीकारा और सम्मान दिया। प्रदेशवासी बड़े ही सरल, सहज और मृदुभाषी हैं, जो छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की सार्थकता सिद्ध करती है।

राज्यपाल सुश्री उइके ने अपने उद्बोधन में रायपुर शहर में निगम द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों सहित विवेकानंद सरोवर, तेलीबांधा तालाब सौंदर्यीकरण और नालंदा लाइब्रेरी, पिंक टॉयलेट जैसी पहल की सराहना की। इस दौरान महापौर एजाज ढेबर, सभापति प्रमोद दुबे और निगम कमिश्नर प्रभात मलिक ने भी सभा को संबोधित किया। राज्यपाल सुश्री उइके को महापौर एजाज ढेबर ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

राज्यपाल ने निगम कार्यालय महात्मा गांधी सदन पहुंचकर राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान विधायक द्वय श्री सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा एवं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्रीमती मीनल चौबे सहित महिला पार्षदों ने राज्यपाल सुश्री उइके का आत्मीय स्वागत किया।

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