मिसाल न्यूज़
रायपुर। आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में 18 से 22 दिसंबर तक चल रहे मेगा हेल्थ कैंप–2025 के दूसरे दिन शुक्रवार को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह 9 बजे से ही पंजीयन काउंटरों पर लंबी कतारें लग गईं, जो शाम 5 बजे तक बनी रहीं। मरीजों की जांच, परामर्श और इलाज का सिलसिला पूरे दिन निर्बाध चलता रहा।
देशभर से आए ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ डॉक्टरों और छत्तीसगढ़ के प्रमुख अस्पतालों की टीमों द्वारा सेवाएं दी जा रही हैं। दूसरे दिन नेत्र, दंत, त्वचा, हड्डी और कैंसर जांच विभागों में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।
नेत्र विभाग बना आकर्षण
मुफ्त चश्मे भी बांटे
नेत्र विभाग में उदयाचल नेत्र चिकित्सालय, राजनांदगांव की टीम मोर्चा संभाले हुए है। 5 डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की जांच कर रही है। मोतियाबिंद सहित आंखों की विभिन्न बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है और जरूरतमंदों को चश्मे भी निःशुल्क दिए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।
AI से दांतों की जांच, 2 मिनट
में रिपोर्ट व्हाट्सएप पर
दंत विभाग में AI आधारित डेंटल मशीन आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जांच के महज दो मिनट के भीतर मरीज के व्हाट्सएप पर पूरी रिपोर्ट भेज दी जा रही है। रिपोर्ट में दांतों की समस्या और संबंधित विभाग की जानकारी भी दी जा रही है। इसी तरह त्वचा रोगों की भी AI तकनीक से जांच कर त्वरित परामर्श दिया जा रहा है।
जयपुर पैर से दिव्यांगों
को नया जीवन
शिविर में श्री विनय मित्र मंडल संस्था द्वारा लगाए गए स्टॉल पर दिव्यांगजनों को जयपुर पैर और कृत्रिम हाथ लगाकर जीवन की नई राह दिखाई जा रही है। संस्था के संस्थापक महेंद्र कोचर ने बताया कि पहले वर्ष में सीमित लोगों तक यह सुविधा पहुंच पाती थी, लेकिन अब हर साल सैकड़ों जरूरतमंद लाभान्वित हो रहे हैं। शिविर के पहले दिन 100 से अधिक लोगों को कृत्रिम अंग प्रदान किए गए थे, जबकि दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में दिव्यांग पहुंचे।
आयुर्वेद और वनांचल
के वैद्य भी दे रहे सेवाएं
शिविर में आयुर्वेदिक चिकित्सक विभिन्न बीमारियों का इलाज कर मुफ्त दवाइयां दे रहे हैं। आंखों के आयुर्वेदिक उपचार को लेकर खासा उत्साह है। वहीं मरवाही के परंपरागत वैद्य तीजराम रैदास जंगलों से लाई गई जड़ी-बूटियों से प्राकृतिक चिकित्सा की जानकारी देकर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
एक्यूपंक्चर से चमत्कार
व्हील चेयर छोड़कर चला मरीज
भिलाई से आए नरेश पाल, जो पिछले दो वर्षों से सायटिका से पीड़ित थे और व्हीलचेयर पर चलने को मजबूर थे। एक्यूपंक्चर उपचार के बाद खुद चलकर बाहर निकले। डॉक्टर रुद्र साहू के अनुसार इलाज के बाद मरीज को तुरंत राहत मिली और चलने की क्षमता लौटी।
मेगा हेल्थ कैंप में देश के 42 प्रतिष्ठित अस्पतालों के 55 विशेषज्ञ डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। मुंबई, दिल्ली, बैंगलूरू, हैदराबाद और सिकंदराबाद से आए डॉक्टर गंभीर और जटिल रोगों की जांच व परामर्श कर रहे हैं। कैंसर जांच इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की जांच मैमोग्राफी और आधुनिक थर्मल स्कैनिंग मशीन से की जा रही है। वहीं बच्चेदानी के मुंह, मुंह और गले के कैंसर की भी निःशुल्क स्क्रीनिंग हो रही है। मौके पर ही सैंपल कलेक्शन कर विशेषज्ञ परामर्श दे रहे हैं। थर्मल स्कैनिंग से 5 से 10 मिनट में रिपोर्ट दी जा रही है।
शिविर प्रभारी डॉ. जे.पी. शर्मा ने बताया कि यह पूरा शिविर पूरी तरह निःशुल्क है। यहां रक्त जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, दवाइयां और मरीजों के लिए भोजन तक की व्यवस्था मुफ्त है। अनुमान है कि इस बार 75 हजार से एक लाख तक लोग शिविर का लाभ उठाएंगे।
मूणत खुद संभाल रहे मोर्चा
मुख्य आयोजक पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत स्वयं शिविर में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। वे मरीजों से मिलकर हालचाल जान रहे हैं और डॉक्टरों व आयोजन समिति से समन्वय बनाए हुए हैं। दूसरे दिन भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल भी शिविर में पहुंचे और पूरे आयोजन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की।

