बालोद विधायक ने कहा- क्षेत्र में करोड़ों के काम अटके… विपक्ष का वाक आउट…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने आरोप लगाया कि बजट में स्वीकृत हो चुके मेरे विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग एवं जल संसाधन विभाग से जुड़े करोड़ों के काम लंबे समय से अटके हुए हैं। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इससे इंकार किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांग की कि यदि काम अटके भी हुए हैं तो इसी सदन में स्वीकृति की घोषणा कर दें। वित्त मंत्री ने नियम प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा कर पाना संभव नहीं। इसके विरोध में सारे कांग्रेस विधायकगण नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा का सवाल था कि संजारी-बालोद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के बजट में सम्मिलित किन कार्यों के लिए 3 फरवरी 2026 की स्थिति में कितनी राशि की वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है? कितनी राशि के कौन से कार्य वित्तीय स्वीकृति हेतु वित्त विभाग के पास किन कारणों से तथा कब से लंबित हैं एवं इन कार्यों को कब तक वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी की ओर से जवाब आया कि विभागों से प्राप्त जानकारी अनुसार संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत नवीन कार्यों के लिए 1 मई 2012 की स्थिति में  3 करोड़ तक के प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकार प्राप्त थे, जिसे 14 मई 2025 में बढ़ाकर रू. 5 करोड़ किया गया, ताकि कार्यों की स्वीकृति में गति आए। प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश संबंधित विभाग व्दारा जारी किए जाते हैं। 3 फरवरी 2026 की स्थिति में वित्त विभाग में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र के कोई भी प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति पर सहमति हेतु लंबित नहीं है।

श्रीमती सिन्हा ने कहा कि मेरे क्षेत्र में चाहे पीडब्लूडी हो या एरिकेशन, सभी तरफ के काम लंबित हैं। सभी कार्य वित्त में जाकर अटके हुए हैं। चौधरी ने कहा कि बजट में प्रावधानित कोई भी कार्य वित्त विभाग में सहमति के लिए आता है। आपके क्षेत्र में कई कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। बहुत सारे वित्तीय मसलों का रिफॉर्म हुआ है। बजट में नवीन मद की परिभाषा में संशोधन किया गया। पहला संशोधन 2011 में हुआ था, 2024 में फिर किया गया। प्रशासकीय स्वीकृति 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है। ज्यादा से ज्यादा प्रशासकीय स्वीकृति हो सके इसलिए वित्तीय रीफॉर्म किया गया। बजट में बरसों से जो प्रावधान चले आ रहा था उसकी जगह वित्तीय प्रावधान बढ़ाया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आपने पूरी प्रक्रिया बता दी। बालोद का बताएं। बालोद तो जीरो है। चौधरी ने कहा कि वित्तीय स्वीकृति से संबंधित एक भी फाइल लंबित नहीं है। बघेल बोले- आपने कहा कोई फाइल लंबित नहीं। पीडब्लूडी व एरिकेशन के अटके हुए कामों को बढ़ाकर क्या स्वीकृति प्रदान करेंगे? श्रीमती सिन्हा ने कहा कि 18 करोड़ 18 लाख के कई सारे प्रोजेक्ट लंबित हैं। यह समझ पाना मुश्किल है कि वित्त मंत्री के पास जाएं या अन्य मंत्री के पास। बघेल ने कहा कि मंत्री उदारता दिखाएं। पूरे प्रदेश में संदेश जाएगा कि मंत्री उदार हैं। 18 करोड़ के कामों पर इसी सदन में स्वीकृति दे दें। उनके सम्मान में हम भी मेज थपथपाएंगे। चौधरी ने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा करना उचित नहीं होगा।

बघेल ने कहा कि विपक्ष के कामों को ये करना नहीं चाहते। विरोध में हम बहिर्गमन करते हैं। इसके साथ ही सारे कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बाहर चले गए।

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