‘मया दे दे मयारू- 2’ में छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी महक- सुरेश गोंडाले

मिसाल न्यूज़

छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘मया दे दे मयारू- 2’ में जाने-माने अभिनेता सुरेश गोंडाले अहम् किरदार में नज़र आएंगे। सुरेश गोंडाले कहते हैं- “मया दे दे मयारू- 2 छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी महक का अहसास करायेगी।“ निर्माता अलक राय की यह फ़िल्म 10 अप्रैल को पूरे छत्तीसगढ़ में मल्टीप्लेक्स तथा सिंगल स्क्रीन में प्रदर्शित होने जा रही है।

‘मिसाल न्यूज़’ से बातचीत करते हुए सुरेश गोंडाले ने कहा कि “पूर्व में अलक जी ‘मया दे दे मयारू पार्ट-1’ जो प्रोड्यूस के थे उसमें छत्तीसगढ़ से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाया गया था।  वही बात ‘मया दे दे मयारू पार्ट- 2’ में भी नज़र आएगी। पार्ट-1 एवं पार्ट 2 दोनों को ही प्रेम चंद्राकर जी ने निर्देशित किया है। एक ख़ास बात और, पार्ट- 2 को प्रेम जी के साथ भूपेन्द्र साहू जी ने भी निर्देशित किया है। छत्तीसगढ़ सिनेमा की इन दोनों बड़ी हस्तियों को छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति की गहरी समझ है। जब आप ‘मया दे दे मयारू- 2’ देखेंगे महसूस करेंगे दोनों निर्देशकों ने अपने अनुभवों को कितनी गहराई से पर्दे पर उतारा है।“

फ़िल्म में आपका किरदार क्या है पूछने पर सुरेश गोंडाले बताते हैं- “मन कुरैशी व लक्षित झांझी के ईमानदार एवं स्वाभिमानी पिता दाऊ संपतलाल की भूमिका निभाई है। मेरी पत्नी की भूमिका में अंजलि चौहान हैं जो बेहतरीन एक्ट्रेस हैं।“

फ़िल्म का ख़ास पक्ष क्या है, इस सवाल पर वे कहते हैं- “वह सब कुछ है जो छत्तीसगढ़ी सिनेमा का दर्शक चाहता है। दमदार कहानी-पटकथा-संवाद, मधुर संगीत, बांधे रखने वाला एक्शन, ख़ूबसूरत फिल्मांकन, छत्तीसगढ़ी भाषा का ठेठपन- क्या कुछ नहीं है इस फ़िल्म में। यक़ीन के साथ कह सकता हूं कि ‘मया दे दे मयारू- 2’ दर्शकों को छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति एवं स्वाभिमान के साथ छत्तीसगढ़ की माटी की सोंधी खुशबू का अहसास करायेगी।“

‘मोर छंइहा भुंइया’ से शुरु

हुआ था फ़िल्मी सफ़र…

सुरेश गोंडाले छत्तीसगढ़ी के अलावा हिंदी फिल्में कर चुके हैं। हिंदी वेब सीरीज़ भी की है। सन् 2000 में आई ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘मोर छंइहा भुंइया’ से फिल्मों में अभिनय का सफ़र शुरू हुआ। 1983 से रंगकर्म की गतिविधियों, नुक्कड़ नाटक, लाइट एंड साउंड तथा मंचीय नाटकों से जुड़े रहे हैं। 1995 से आकाशवाणी रायपुर से विधिवत् ग्रेड बी नाट्य कलाकार के रूप में रेडियो नाटकों में भाग लेते रहे हैं।

इनमें दिखेंगे- इश्क़ इबादत एवं लास्ट अटेम्प्ट (दोनों हिन्दी वेब सीरीज़), मया दे दे मयारू-2, भेद, दिल विल, मोर फलानीन (सभी छत्तीसगढ़ी फ़िल्में)

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