25 जून की तारीख को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाएगी भाजपा… राजेश मूणत ने कहा- कांग्रेस से निकली तृणमूल कांग्रेस ने बंंगाल में सालों तक मचाई तबाही

मिसाल न्यूज़

रायपुर। पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेश मूणत ने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए 25 जून 1975 को जो आपातकाल की घोषणा की थी उसके कल 25 जून को 51 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। भाजपा कल 25 जून की तारीख को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाएगी। मूणत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शुरु से ही अराजक पार्टी रही। उसी कांग्रेस से पार्टी से पैदा हुई तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंंगाल में कई सालों तक किस कदर तबाही मचाई वह जगजाहिर है।

एकात्म परिसर में आज राजेश मूणत ने प्रेस वार्ता में कहा कि आपातकाल का दंश आज भी हमारे मन में शूल की तरह चुभता है। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के में एक स्याह धब्बे की तरह है, जिसे याद करके तात्कालिक कांग्रेस सरकार का विरोध करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की रूह तक कांप जाती है। कब किसको कहां से उठाकर जेलों में भर दिया जाएगा इसका कोई मापदंड नहीं था। देश भर में लाखों लोगों को जेलों में भर दिया गया। आपातकाल कांग्रेस के दामन में लगा वह दाग है जिसे कांग्रेस कभी धो नहीं सकती। आपातकाल के 21 महीने देश में भय आतंक , व्यक्तिवादी विचारधारा और अलोकतांत्रिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया ।

जब 25 जून को आपातकाल की घोषणा हुई तब समस्त सामाजिक,गैर सरकारी और पत्रकारों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई। लोकतंत्र की हत्या करते  हुए देश में तानाशाही हावी हो गई। उसका मुख्य कारण तात्कालिक नेता राजनारायण जी द्वारा दायर याचिका थी। जिसके आधार पर श्रीमती इंदिरा गांधी को 6 वर्ष के लिए चुनाव हेतु अपात्र घोषित कर दिया गया था। 1971 के रायबरेली लोकसभा चुनाव में राजनारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनौती दी थी। इंदिरा गांधी की भारी जीत के बाद राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव में धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। तात्कालिक न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए इंदिरा गांधी के 1971 के रायबरेली चुनाव को अवैध घोषित कर दिया।अदालत ने इंदिरा गांधी के अगले 6 साल तक कोई भी चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। सत्ता बचाने के लिए 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगवा दिया था। आपातकाल के दौरान राजनारायण, नाना जी देशमुख, सुंदर सिंह भंडारी, अरुण जेटली एवं लालू प्रसाद यादव समेत विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को ‘मीसा’ (MISA) कानून के तहत जेल में डाल दिया गया था। 21 महीने बाद 1977 में जब आपातकाल समाप्त हुआ और चुनाव हुए, तब राजनारायण ने ही रायबरेली में इंदिरा गांधी को भारी मतों से करारी शिकस्त दी थी।

मूणत ने कहा किआपातकाल इस बात का गवाह है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से तानाशाही तरीके से सत्ता चलाते आई है। कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं ने सत्ता की लोलुपता में देश के लोकतंत्र का दमन कर दिया।

प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

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