रायपुर। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि नगर निगम में इन दिनों केवल बंद कमरों में बैठकों का दौर चल रहा है। कभी विधायक बैठक ले रहे हैं तो कभी महापौर। रोजाना बैठक मानो नगर निगम की कार्यप्रणाली का हिस्सा हो गई है।
आकाश तिवारी ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि नगर निगम की ओर से जन समस्याओं एवं मूलभूत सुविधाओं की ओर से ठोस कदम उठते नहीं दिख रहे हैं। जिस प्रकार संपत्ति कर टैक्स वसूली के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है वैसे ही जिम्मेदारी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्यों तय नहीं हो पा रही, यह एक बड़ा सवाल है। इस बार कि बरसात में ऐसा कई वार्ड नहीं रहा होगा जहां जलभराव नहीं हुआ हो। लोगों के घरों तक में पानी चला गया। हाल ही में नगर निगम की विशेष सामान्य सभा बुलाई गई थी। विशेष सामान्य सभा में जो भी चर्चाएं हुई वह धरातल पर उतरती दिखाई नहीं दीं। तिवारी ने कहा कि
बैठकों के लिए दिन तय होने चाहिए। कभी भी अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश करो तो तो वे कहते हैं बैठक में हैं। अगर दिन रात बैठक ही चलती रही तो फिर कार्य कब होंगे।
तिवारी ने कहा कि महापौर ने सन् 2025 में पूरे 70 वार्डों को लेकर सिटी डेवलप प्लान बनाया था किंतु वो अभी तक लागू नहीं हो पाया। जनवरी 2026 में जल बोर्ड का गठन हुआ उसके कार्य नगर निगम मुख्यालय में ऑफिस टेबल तक सीमित रहे हैं। महिलाओें के रोजगार के लिए मोवा में बनाई गई वूमेन गारमेंट फैक्ट्री अब तक शुरु नहीं हो पाई है।

