मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर कांग्रेस महापौर प्रत्याशी दीप्ति प्रमोद दुबे का सघन जनसंपर्क अभियान आज भी जारी रहा। उन्होंने नुक्कड़ सभाएं भी लीं। नुक्कड़ सभाओं में उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनावी मुकाबला करने के बजाय पोस्टर फाड़ने, झंडे-बैनर हटाने और सोशल मीडिया पर मीम बनाने में व्यस्त है। यह उनकी हताशा को दर्शाता है क्योंकि उनके पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।

नुक्कड़ सभाओं में दीप्ति दुबे ने कहा कि विरोधी पार्टी वाले मेरी सरलता और सहजता को पचा नहीं पा रहे हैं। जनता नगरीय निकाय चुनाव में ईमानदार, स्वच्छ छवि और विकास की सोच रखने वालों को ही सत्ता सौंपती है। शहर की जनता ने मन बना लिया है और मुझे पूरा आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति नैतिकता और संस्कारों पर आधारित है। विरोधियों के उकसावे में आए बिना शहर के विकास के बारे में सोचना और काम करना ही हमारा लक्ष्य है। रायपुर को एक श्रेष्ठ, समृद्ध और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने पूरी कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है।
श्रीमती दीप्ति प्रमोद दुबे ने सुबह टाटीबंध गुरुद्वारे के पास शहीद भगत सिंह वार्ड से अपने अभियान की शुरुआत की। वहां स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद मोहबाजार स्थित वीर सावरकर वार्ड और यूनिवर्सिटी गेट से होते हुए पं. ईश्वरीचरण शुक्ल वार्ड पहुंचीं। इसके बाद आमानाका क्षेत्र में शहीद मनमोहन सिंह बक्शी वार्ड, आयुर्वेदिक कॉलेज के पास पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड, अनुपम गार्डन चौक पर पं. सुंदरलाल शर्मा वार्ड और राजकुमार कॉलेज क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल वार्ड का दौरा किया।
दोपहर में उन्होंने स्वामी विवेकानंद आश्रम से होते हुए शहीद चुड़ामणि वार्ड, आमापारा स्थित आर.डी. तिवारी स्कूल होते हुए ब्राम्हणपारा वार्ड, आजाद चौक होते हुए तात्यापारा वार्ड, सदर बाजार वार्ड और इंदिरा गांधी वार्ड में जनसंपर्क किया। शाम को जयस्तंभ चौक होते हुए अब्दुल हमीद वार्ड, शहीद स्मारक होते हुए मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड, शास्त्री चौक होते हुए सिविल लाइंस वार्ड और गांधी उद्यान चौक होते हुए पं. रविशंकर शुक्ल वार्ड का दौरा किया। अंत में उनका जनसंपर्क अभियान शंकर नगर वार्ड और तेलीबांधा स्थित मदर टेरेसा वार्ड में समाप्त हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उनेक साथ थे।

