0 बस्तर पंडुम 9 फरवरी तक
0 भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की योजना
मिसाल न्यूज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विवेक आचार्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश के नए द्वार खुले। राज्य और देश के प्रमुख शहरों में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश सुनिश्चित किया गया। राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के नई होम-स्टे नीति लागू की गई। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए किया जा रहा है। यह उत्सव तीन चरणों में 10 जनवरी से 9 फरवरी तक चलेगा। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्य यंत्र, वेश-भूषा-आभूषण, पूजा पद्धति, हस्तशिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय, पारंपरिक व्यंजन, क्षेत्रीय साहित्य, वन-आधारित औषधीय ज्ञान, पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी। भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, राजकीय मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की स्थापना की योजना है।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण देते हुए डॉ. रोहित यादव एवं विवेक आचार्य ने बताया कि राज्य में 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 को अधिसूचित किया है। यह नीति राज्य भर में नए होम-स्टे के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो ग्रामीण और समुदाय आधारित पर्यटन का समर्थन करती है, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है।
फिल्म सिटी और कन्वेंशन
सेंटर- 350 करोड़ की परियोजना
डॉ. रोहित यादव ने बताया कि भारत सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत एकीकृत फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास की मंजूरी मिली है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 350 करोड़ रूपए है। भूमि पूजन विगत 24 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुआ। यह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा। निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी।
भोरमदेव मंदिर
कॉरिडोर परियोजना
विवेक आचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। एक जनवरी 2026 को भारत के पर्यटन मंत्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है। भारत सरकार ने जशपुर में मयाली-बगीचा सर्किट अंर्तगत तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी को मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया था। सिरपुर एकीकृत विकास सिरपुर को एक विश्व विरासत स्थल में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन से संबंधित व्यवसायों
के पंजीकरण में तेजी से वृद्धि
छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 तक टूर ऑपरेटर व ट्रेवल ऑपरेटरों की संख्या मात्र 30 थी, वर्तमान में यह संख्या 300 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 15 होटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत हैं, जिसकी और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिसॉर्ट्स और मोटल की परिचालन दक्षता और रणनीतिक प्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2024-25 में जहां 2 करोड़ रूपए था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ पांच गुना बढ़कर 10 करोड़ रूपए हो गया है।
500 नए होमस्टे
विकसित करने का लक्ष्य
सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में 350 करोड़ रूपए. से अधिक के निवेश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल लीजकम डेवलपमेंट मॉडल के तहत 17 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से आउटसोर्स कर 200 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित करने की योजना बना रही है, जिससे सैकड़ों स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्यभर में 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य है। इसी तरह चित्रकोट में टेंट सिटी के विकास की योजना है, जिसके तहत चित्रकोट फॉल्स के पास साहसिक गतिविधियों के साथ कम से कम 50 लक्जरी टेंट लगाए जाएंगे। फिक्की के सहयोग से छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट नामक एक वार्षिक फ्लैगशिप कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन बीटूबी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा, जिसके तहत भारतीय राज्यों के 200 से अधिक टूर ऑपरेटरों को आकर्षित करने योजना है।
विवेक आचार्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है, जिससे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने बताया कि चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत 141 कलाकारों एवं साहित्यकारों को वित्तीय वर्ष-2024-25 में लगभग 34 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 130 कलाकारों को लगभग 31 लाख रूपए की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई। इसी तरह कलाकार कल्याण कोष योजना के अंर्तगत कलाकारों और साहित्यकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों की बीमारी, दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 08 अर्थाभाव ग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को 2 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 44 प्रकरणों हेतु 14 लाख रूपए स्वीकृत किया गया है।

