0 आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति
मिसाल न्यूज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके।
2031 तक 50 लाख आबादी
के लिए व्यापक तैयारी
अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।
कानूनी आधार से विकास
को मिली मजबूती
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है।
वित्तीय संसाधनों
की सुदृढ़ व्यवस्था
राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
निवेश, उद्योग और रोजगार
को मिलेगा बढ़ावा
स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है।
पहली बैठक में लिए
गए महत्वपूर्ण निर्णय
छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई।
ग्रोथ इंजन बनेगा
राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।

