रायपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जिस तेजी से शिक्षा, उद्योग और शासन के क्षेत्र में बदलाव ला रहा है, उसे देखते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ (AUC) द्वारा NVIDIA Spark AI सिस्टम्स से संचालित अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब स्थापित की जा रही है। यह पहल छत्तीसगढ़ में एआई आधारित शिक्षण, शोध और नवाचार के लिए एक नया मंच तैयार करेगी।
यह पहल ऐसे समय में की जा रही है, जब छत्तीसगढ़ ‘विकसित छत्तीसगढ़ @2047’ के विजन के तहत तकनीक आधारित शासन और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में शासन व्यवस्था और क्षमता निर्माण के लिए डिजिटल तकनीकों एवं एआई आधारित उपकरणों के उपयोग पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और युवा नवाचारकर्ताओं के लिए राज्य की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े समाधान विकसित करने के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी एआई कौशल और बुनियादी ढांचा रणनीतिक प्राथमिकता बन चुके हैं। IndiaAI Mission के तहत पांच वर्षों के लिए 10,371 करोड़ रुपये के बजट के साथ देश भर में एआई कंप्यूटिंग, नवाचार, कौशल विकास और जिम्मेदार एआई क्षमताओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है। इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ अपनी अत्याधुनिक एआई लैब को केवल एक शिक्षण सुविधा तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे एक बहुविषयक मंच के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जहां विद्यार्थी, शोधकर्ता और संकाय सदस्य एआई के माध्यम से छत्तीसगढ़ और भारत से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कार्य कर सकें। यह पहल एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के चेयरमैन डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जा रही है।
एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रो. (डॉ.) पीयूष कांत पांडे ने कहा, “एआई का अगला चरण केवल इस बात से निर्धारित नहीं होगा कि तकनीक का उपयोग कौन करता है, बल्कि इससे होगा कि कौन इसे सार्थक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी ढंग से लागू कर सकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि, वन एवं वन्यजीव, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग की अपार संभावनाएं हैं। हमारे चेयरमैन डॉ. असीम चौहान के विजन और मार्गदर्शन से प्रेरित होकर हमारा लक्ष्य AUC में युवा एआई प्रतिभाओं को विकसित करना और ऐसे समाधान तैयार करना है, जो राज्य और राष्ट्र की विकास प्राथमिकताओं में सार्थक योगदान दे सकें।” यह सुविधा अपनी संरचना में पूरी तरह बहुविषयक होगी। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, स्वास्थ्य विज्ञान, व्यवहार विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और अन्य विषयों के विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को मिलकर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य एआई को केवल कंप्यूटर साइंस तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में सक्षम तकनीक के रूप में विकसित करना है।

